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झारखंड में छात्र आंदोलन की बड़ी जीत, अब लीकमुक्त परीक्षा कानून की मांग
सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की एक विशेष बैठक में जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया.
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झारखंड सरकार द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनरत छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है. हालांकि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारी अब 'आंदोलन के दूसरे चरण' के तौर पर ऐसे कानून को लागू करने की मांग करेंगे जो लीकमुक्त परीक्षाओं की गारंटी दे.
उन्होंने कहा कि आंदोलन का मकसद सिर्फ कुछ खास परीक्षाओं को रद्द करवाना नहीं है, बल्कि झारखंड की पूरी भर्ती और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है.
पेपर लीक रोकने के लिए कानून की मांग
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छात्र नेता महतो ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "कल रद्द हुई सीजीएल परीक्षा 28 जनवरी, 2024 को भी पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी. पुनर्परीक्षा के दौरान भी पेपर लीक हुआ, जिसके कारण परीक्षा दोबारा रद्द करनी पड़ी. अब तक रद्द हुई 14 परीक्षाओं के मामले में क्या गारंटी है कि पेपर लीक की घटनाएं दोबारा नहीं होंगी?"
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उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ियों पर कार्रवाई की उनकी मांग को सरकार का मानना उनके आंदोलन के सिर्फ पहले चरण की सफलता है. हम इसके लिए सरकार, छात्रों और अपने सभी समर्थकों का धन्यवाद करते हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच अलग-अलग एजेंसियों द्वारा झारखंड बनने के समय से ही हो रही है, लेकिन छात्रों को अभी तक न्याय नहीं मिला है.
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "हम ऐसी भर्ती परीक्षाएं चाहते हैं जो किसी भी पेपर लीक से सुरक्षित हों. सरकार को अब ऐसी प्रणाली की गारंटी देनी चाहिए जिसमें भविष्य में पेपर लीक, प्रश्न पत्र तैयार करने में गड़बड़ी या परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की धांधली की कोई गुंजाइश न हो. हमें भरोसा दिलाया जाना चाहिए कि ऐसी हरकतें करने वालों को सबसे कड़ी सजा दी जाएगी और इस संबंध में राज्य विधानसभा द्वारा कानून पारित किया जाना चाहिए. अगर जरूरत हो, तो इस मकसद को हासिल करने के लिए संविधान में संशोधन भी किया जा सकता है. यह हमारी लड़ाई का दूसरा चरण है."
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16वें दिन खत्म हुई भूख हड़ताल
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कानून लागू होता है, तो इससे आने वाली पीढ़ियों को भी फायदा होगा. भूख हड़ताल खत्म करने के बाद महतो ने कहा था, "आज, हमारी भूख हड़ताल के 16वें दिन, हमने सम्मानजनक तरीके से अपना उपवास खत्म किया. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे और हमारे विधायक जयराम महतो की संयुक्त पहल पर हमने अपनी भूख हड़ताल को रोकने का फैसला किया. जिन मांगों के लिए हम संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, वे सभी पूरी हो गई हैं."
हेमंत सोरेन कैबिनेट ने लिया परीक्षाएं रद्द करने का फैसला
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सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की एक विशेष बैठक में जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया.
24 दिनों के आंदोलन के बाद छात्रों ने मनाया जश्न
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इस घोषणा के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई. भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को गले लगाया, मिठाइयां बांटीं, नारे लगाए और रंग-गुलाल व आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया. उन्होंने 24 दिनों के आंदोलन के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने को एक बड़ी जीत बताया.