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बेंगलुरु की खदान में बड़ा हादसा, चट्टान टूटने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लोग घायल

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पत्थर की खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान मालिकों की जिम्मेदारी है. सरकार नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी.

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02 Jul 2026
( Updated: 02 Jul 2026
12:03 PM )
बेंगलुरु की खदान में बड़ा हादसा, चट्टान टूटने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लोग घायल
Image Credits: IANS
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कर्नाटक के बेंगलुरु में एक पत्थर की खदान में चट्टान का एक बड़ा हिस्सा गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई. आशंका हैं कि मलबे के नीचे और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं. इस कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. इस घटना में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 7 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. 

बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा

अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 5 बजे बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना में हुआ. शुरुआती जानकारी के अनुसार, खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक एक चट्टान टूटकर उन पर गिर गई. बताया गया कि एक दिन पहले साइट पर ब्लास्टिंग का काम होने के बाद मजदूर जमीन से लगभग 40 फीट नीचे खुदाई का काम कर रहे थे.

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हालांकि, मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. बताया गया है कि पीड़ित बिहार के प्रवासी मजदूर हैं, जबकि कुछ घायल मजदूर कर्नाटक के हैं. पांच मजदूरों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए आरआर अस्पताल ले जाया गया. 

प्रत्यक्षदर्शी ने बताई आपबीती

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पत्थर के अचानक गिरने से पहले मजदूरों को कोई चेतावनी नहीं मिली थी. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "यह घटना सुबह करीब 5 बजे हुई जब मजदूर ड्यूटी पर थे. कुछ लोग सुरक्षित भागने में सफल रहे, कुछ घायल हो गए और अन्य पत्थर के नीचे दब गए. ऐसा नहीं लगा कि पत्थर ब्लास्टिंग की वजह से गिरा. यह अचानक तब गिरा जब मजदूर अपना रोजमर्रा का काम कर रहे थे."

एक अन्य मजदूर विनोद ने बताया कि घटना के समय पीड़ित नाइट शिफ्ट के बाद काम संभाल रहे थे. उन्होंने कहा, "जब पत्थर गिरा, तो कई मजदूर उसके नीचे दब गए. कुछ के पैर कट गए, तो कुछ के हाथ. हम उन्हें बचाने के लिए कुछ नहीं कर पाए. मैं एक मशीन चला रहा था और उस जगह से लगभग 10 मीटर दूर था. पीड़ित खदान में ड्रिलिंग कर रहे थे और उन्हें अपने ऊपर मौजूद पत्थर का पता नहीं चला."

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पत्थरों के नीचे दबे मजदूरों के शव

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के शव अभी पत्थरों के नीचे से निकाले जाने बाकी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि गिरने के दौरान कई भारी पत्थरों ने खुदाई करने वाली मशीनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. 

फिलहाल, बचाव अभियान जारी है. पुलिस और बचाव दल की टीमें फंसे हुए मजदूरों की तलाश में मलबा हटा रहे हैं. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.

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चट्टान गिरने से 7 मजदूरों की मौत

इस घटना पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह बहुत दुखद है कि दक्षिण बेंगलुरु तालुक के मदपट्टना में चट्टान के टूटने से 7 मजदूरों की मौत हो गई. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मृतकों की आत्माओं को शांति दें, उनके परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दें और घायल जल्द ही ठीक हो जाएं."

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पत्थर की खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान मालिकों की जिम्मेदारी है. सरकार नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी.

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