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हैदराबादी बिरयानी से प्यार, औवैसी से परेशानी...मल्लिकार्जुन खड़गे ने किसे UP में घुसने से रोकने की दी इमरान मसूद को सलाह?

मल्लिकार्जुन खड़गे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो कांग्रेस के मुस्लिम सांसद इमरान मसूद से कहते नजर आ रहे हैं कि ‘हैदराबादी परेशानी को UP में घुसने मत देना’, वरना ‘वो खुद भी डूबेगी और हमें भी डुबो देगी.’ सवाल ये उठता है कि उनका इशारा किसकी ओर है.

Mallikarjun Kharge and Imran Masood

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस की और उन पार्टियों की नींद उड़ाकर रख दी है, जो आजादी के बाद से अब तक मुसलमानों और मुस्लिम वोटों का रखवाला होने का दावा करती रही हैं. वो पार्टियां जिन्हें बल्क में यानी कि एकमुश्त वोट मिलता रहा है, उनमें घबराहट है कि कहीं ओवैसी की वजह से उनकी मजबूत जमीन सदा के लिए खिसक ना जाए. इसको लेकर कांग्रेस आलाकमान कितनी हलकान है, वो आपको एक वीडियो से पता चल जाएगा. दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो किसी हैदराबादी को यूपी में आने से 'रोकने' की बात कांग्रेसी मुस्लिम सांसद इमरान मसूद से कह रहे हैं.

किस हैदराबादी को यूपी में घुसने से रोकना चाहते हैं खड़गे?

आपको बताएं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद परिसर में अपनी ही पार्टी के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद से बात करने के दौरान ये कहते नजर आ रहे हैं कि ‘हैदराबादी परेशानी को उत्तर प्रदेश में घुसने मत देना’, वरना ‘वो खुद भी डूबेगी और हमें भी डुबो देगी.’ इस वीडियो के वायरल होने के बाद कहा जा रहा है कि ये को बयान नहीं है, बल्कि कांग्रेस के अंदरखाने पैदा हुए डर की ओर इशारा कर रहा है. हालांकि यहां ये भी बता देना जरूरी है कि खड़गे ने अपने इस वीडियो में किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन सियासी मामलों के जानकार और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सीधे-सीधे असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति से जोड़ दिया.

इमरान मसूद से क्या बोलते नजर आए खड़गे!

मालूम हो कि इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष इमरान मसूद से कह रहे हैं कि, ‘हैदराबादी समस्या को यूपी में मत घुसने दो. वो खुद बर्बाद हो जाएगा और हमें भी बर्बाद कर के जाएगा. तुम जानते हो – हैदराबाद शहर तीन चीजों के लिए मशहूर है-एक शेरवानी, बिरयानी और तीसरी परेशानी.’ यहां ये भी बता देना जरूरी है कि खड़ेगे वैसे तो हैदराबादी को यूपी में घुसने से रोकने की वकालत कर रहे हैं, वहीं खुद खड़गे का मूल भी ओल्ड हैदराबादी ही है. सियासी गलियारों में अटकलें लग रहे हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में ओवैसी या उनकी पार्टी के असर से सतर्क रहना चाहती है, क्योंकि इससे विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है

ओवैसी से कांग्रेस की परेशानी की वजह क्या है?

खड़गे की ये हैदाराबादी परेशानी कोई ऐसे ही नहीं शुरू हुई है. दरअसल खड़गे की चिंता तब से शुरू हुई है, जब से ओवैसी देश के हर कोने में, हर उस जगह चुनाव लड़ रहे हैं जिसे कांग्रेस अब तक अपना इलाका और गढ़ समझती आई है. लोकसभा चुनाव के वक्त ओवैसी की लाख अपील के बावजूद उन्हेें INDIA में शामिल नहीं किया गया. इसके बाद बिहार और महाराष्ट्र चुनाव में भी गठबंधन से बाहर रखा गया. और तो और बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में AIMIM को शामिल करने की खुलकर मांग की गई. उसे दरकिनार कर दिया गया. इतना ही नहीं 6 सीटों ही देन मांग की गई, लेकिन वो भी मांग नहीं मानी गई.

सीटें नहीं देना, गठबंधन में शामिल नहीं करना, ऊपर से बीजेपी की 'B' टीम होने का आरोप लगाया गया, लेकिन ओवैसी की जीत की गड्डी निकल पड़ी. एक ओर जहां AIMIM ने बिहार में 5 सीटें जीतीं, कांग्रेस के 6 सीटों के करीब-करीब बराबर, वहीं महाराष्ट्र निकाय और नगर निगम चुनाव में भी 100 से ऊपर सीटें जीतकर पतंग की उड़ान  उड़ चली. ऐसे में कांग्रेस की परेशानी बुनियादी है.

आपको बताएं कि इमरान मसूद यूपी से सांसद हैं और उनकी पश्चिमी यूपी के मुस्लिमों में अच्छी-खासी पैठ है. कहा जा रहा है कि यह चेतावनी कांग्रेस की आंतरिक रणनीति को दर्शाती है, जहां वे यूपी में वोट बैंक को एकजुट रखना चाहते हैं.

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