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कौशांबी: अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में चार बच्चों को खोया, CO से लिपटकर, फूट-फूटकर रोए पिता, VIDEO
यूपी में अवैध पटाखे फैक्ट्री में धमाकों से 4 बच्चों सहित करीब 11 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद मृतक मासूमों के पिता का हृदय विदारक वीडियो सामने आया है. मातम के माहौल में जिगर के टुकड़ों को खोने वाले पिता सीओ से गले लगकर फूट-फूटकर रोए.
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त्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक भावकु तस्वीर सामने आ रही है. यहां अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में अपने चार जिगर के टुकड़े को खोने वाले पिता की रोती-विलखती तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बात करने, समझाने आए सीओ से लिपटकर मृतक बच्चों के पिता फूट-फूटकर रोए.
CO सत्येंद्र तिवारी से लिपटकर रोए 4 बच्चों को खोने वाले पिता
इस दौरान सीओ साहब ने भी पूरी संवेदना दिखाई और पिता को गले लगाकर, पीठ पर हाथ फेरकर समझाया, उन्हें ढांढस बंधाया. इतना ही नहीं पिता को एक जगह बैठाया और दोनों हाथों से गाल पर हाथ रखकर कहा कि हम आपके साथ हैं. अभी मेरी बात मान लीजिए और बच्चों का अंतिम संस्कार कीजिए.
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मृतक बच्चों के पिता गया प्रसाद साहू और परिजन मुआवजे की रकम बढ़ाने समेत कई मांगों के पूरी ना होने तक बच्चों का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े थे. इस हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है. पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है. मंगलवार को बारी बारिश के बीच बच्चों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद घर पहुंचते ही पिता गया प्रसाद बदहवास हो गए, फूट-फूटकर रोने लगे.
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CO ने गाल पर हाथ रखकर बंधाया ढांढस!
उन्होंने रुंधे गले से कहा कि उनका सब कुछ छिन गया, सब कुछ चला गया, अब जीकर क्या ही करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासन पर्याप्त मुआवजा नहीं दे रहा है. इसके बाद गया शोक संतप्त पिता ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरे और हंगामा किया, और जाम लगा दिया. हंगामा बढ़ता देख CO सिराथू सत्येंद्र तिवारी खुद मौके पर पहुंचे. पिता को किसी तरह समझाया और देर शाम काफी मशक्कत के बाद बच्चों का अंतिम संस्कार कराया गया.
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एक ही परिवार के चार बच्चों की गई धमाके में जान!
मालूम हो कि ब्लास्ट के बाद मकान ढहने से गया प्रसाद की बेटी जान्हवी (15), बेटे आदित्य (10), रवि (7) और अमित (2) की जान चली गई थी. गया प्रसाद की मांग है कि मनौरी कस्बे में जहां ब्लास्ट में उनका मकान गिर गया है, वहीं पर उन्हें खेती के लिए जमीन दी जाए.
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: सात पुलिसकर्मी निलंबित, मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार
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इसी बीच पुलिस ने कौशांबी में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए भीषण विस्फोट के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. हादसे में 11 लोगों की मौत और पांच के गंभीर रूप से घायल होने के बाद जहां पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है, वहीं पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी और फैक्ट्री संचालक नौशाद को गिरफ्तार कर लिया था. जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है.
पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव स्थित अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में भीषण विस्फोट हुआ था. विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए. घटना के संबंध में पिपरी थाने में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब चार बजे चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया. पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली थी कि पटाखा फैक्टरी विस्फोट का मुख्य आरोपी घटना के बाद शहर छोड़कर फरार होने की कोशिश में है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की.
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सीओ शिवांक सिंह ने बताया कि घटना के बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चार टीमें गठित की गई थीं. टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं. इसी दौरान मिली सटीक सूचना के आधार पर नौशाद की घेराबंदी की गई. उन्होंने बताया कि खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी. घायल आरोपी की पहचान नौशाद पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमदपुर मनौरी के रूप में हुई. उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया है.
पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट के बाद नौशाद कहां-कहां छिपा रहा और फरार होने में किन लोगों ने उसकी मदद की. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं. वहीं, पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने के संचालन की अनुमति 31 मार्च 2026 तक के लिए जारी की गई थी, लेकिन अनियमितता पाए जाने पर इसे 4 अप्रैल 2024 को ही निलंबित कर दिया गया था. इसके बावजूद आरोपी पक्ष द्वारा अवैध रूप से पटाखा निर्माण और भंडारण का काम जारी रखा गया.
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में कार्रवाई
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पुलिस के अनुसार, इस संबंध में तत्कालीन थाना प्रभारी ने 9 अक्टूबर 2024 को पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भी भेजा गया था. पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने दोबारा अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण शुरू कर दिया. खास बात यह है कि जिस कारखाने की अनुमति पहले ही निलंबित की जा चुकी थी और जिसके अवैध संचालन को लेकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था, वहां दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू होने के बावजूद संबंधित पुलिसकर्मियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की.
इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात रहे सात निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है. निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विनय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक मनीष पाल और उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी शामिल हैं. निरीक्षक शिवचरण राम वर्तमान में साइबर थाना, कौशांबी में प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे और पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रह चुके हैं.
उपनिरीक्षक विकास सिंह पिपरी थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष रहे हैं. उपनिरीक्षक विनय सिंह वर्तमान में चरवा थाना, कौशांबी में थाना अध्यक्ष हैं और पूर्व में पिपरी थाने की चायल चौकी के प्रभारी रहे हैं. इसी तरह उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह वर्तमान में संदीपन घाट चौकी के प्रभारी हैं और पूर्व में चायल चौकी के प्रभारी रहे. उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता वर्तमान में सिराथू चौकी के प्रभारी, मनीष पाल बिंदकी थाना क्षेत्र में चौकी प्रभारी और अमित द्विवेदी पुलिस लाइंस, कौशांबी में तैनात हैं.
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कौशांबी: CO से लिपटकर, फूट-फूटकर रोए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 4 बच्चों को खोने वाले पिता!
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 2, 2026
यूपी में अवैध पटाखे फैक्ट्री में धमाकों से 4 बच्चों सहित करीब 11 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद मृतक मासूमों के पिता का हृदय विदारक वीडियो सामने आया है. मातम के माहौल में जिगर के… pic.twitter.com/ojmrf3bYaI
सोमवार को लगी थी मनौरी के पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग
गौरतलब है कि 31 अगस्त को मनौरी बाजार स्थित एक मकान में संचालित पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी. इसके बाद वहां रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई और आसपास के करीब छह मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए. हादसे के बाद पिपरी और आसपास के थानों की पुलिस के साथ दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. आग बुझाने के बाद मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की गई. पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना के कारणों की जांच के साथ घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं. पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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सीएम योगी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताया था और अधिकारियों को बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. उन्होंने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भी निर्देश दिया था.
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने मारे गए लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और इलाज करा रहे लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना की थी.
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इस आपदा के बाद धमाकों से हुई तबाही का पैमाना सामने आया. घटनास्थल की तस्वीरों में रिश्तेदारों को मलबे में अपने लापता परिवार के सदस्यों को बेताबी से ढूंढते हुए देखा गया, जबकि अन्य लोग अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पतालों की ओर भागे.