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‘पाक की वजह से बचे हुए हैं कश्मीरी’, फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान, भड़की BJP ने दी चेतावनी
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया. उन्होंने दिल्ली से नाउम्मीदी जताते हुए पाकिस्तान के गुणगान किए हैं.
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के लोग इसलिए बचे हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तान अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों का मुद्दा उठा रहा है.
फारूक अब्दुल्ला बारामुला में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मंच से पाकिस्तान का बखान किया और दिल्ली से नाउम्मीद जताई. उन्होंने कहा,
’पाकिस्तान कई जगहों पर जा रहा है और कश्मीरियों के बारे में बात कर रहा है. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर के लोग बच रहे हैं, नहीं तो कश्मीरियों के प्रति भारत के इरादे सही नहीं हैं.’
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‘पहचान मिट जाएगी इसलिए बोलना होगा’
फारूक अब्दुल्ला यहीं नहीं रूके, उन्होंने उकसावे वाला बयान देते हुए कहा, ‘वे बड़े-बड़े दावे करते हैं और चर्चा की बात करते हैं, लेकिन आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आप उम्मीद करते हैं कि वे आपके साथ खड़े होंगे? नहीं… हिम्मत रखो और उनका सामना करो. अगर नहीं करोगे तो हमारी पहचान मिट जाएगी. इसीलिए हमें बोलना होगा.’
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इसी कार्यक्रम में फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा प्रशासन पर भी निशाना साधा. उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में पढ़ने वाले छात्रों को दो साल तक अस्पतालों में सेवा देनी होती है और अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें राज्य को 40 लाख रुपए देने होते हैं.
राज्यपाल के पास पड़ी है फाइल- फारूक
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फारूक अब्दुल्ला ने दावा कि जम्मू कश्मीर इकलौता राज्य है जहां इस संबंध में फाइल पिछले एक साल से उपराज्यपाल के पास पड़ी है और कोई फैसला नहीं किया गया है. मेडिकल संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले मेडिकल संस्थान के निदेशक और समिति तय करते थे कि कौन से उपकरण लाने हैं और किन डॉक्टरों को नियुक्त करना है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था ने वो सारी शक्तियां खत्म कर दी हैं. फारूक अब्दुल्ला ने कहा,
‘मैंने उनसे पूछा कि आपने स्वायत्तता खत्म कर दी है, तो उन्होंने मेरे सामने ही इस बात को मान लिया.’
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फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली से क्या न्याय की उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने लोगों से अपने हक के लिए आवाज उठाने की अपील की. उन्होंने कहा,
‘उनका सामना करने की हिम्मत रखो, अगर नहीं करोगे तो आप खत्म हो जाओगे.’
फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि हम देश के साथ आगे बढ़ेंगे और देश के लिए बलिदान भी देंगे, लेकिन मैं आज जो सत्ता में हैं, उनसे कहता हूं कि वे खुद को सुधारें. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सिर्फ लोगों को ही नहीं, बल्कि अल्लाह को भी जवाब देना है और इसीलिए वह जनता के सामने सच बोलते हैं.
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VHP और BJP ने दी तीखी प्रतिक्रिया
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद और BJP ने तीखी प्रतीक्रिया दी है. BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, ‘फारूक अब्दुल्ला को सीमा के उस पार भी देखना चाहिए और वहां के कश्मीरियों की बदहाली पर नज़र डालनी चाहिए. यहां कश्मीर में हालात अच्छे हैं, क्योंकि अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया और कश्मीर पूरी तरह से भारत का हिस्सा बन गया.’
वहीं, न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक VHP नेता विनोद बंसल ने कहा, ‘फारूक अब्दुल्ला को शर्म आनी चाहिए. पाकिस्तान के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं. ये नमकहरामी है और नमकहरामी की भी हद होती है. ये जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं. पाकिस्तान के रहमोकरम पर भारत का कोई नागरिक सुरक्षित नहीं है. ये भूल गए यही पाकिस्तान क्रूरता करता था.’
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VHP नेता ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि ‘उनको सत्ता मिल गई तो भी गद्दारी नहीं छोड़ते. रहते भारत में और गाते पाकिस्तान का हैं’
फारूक अबदुल्ला के बयान पर UP के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘फारूक अब्दुल्ला जैसे लोगों ने ही जीवन भर कश्मीर का शोषण किया है. कश्मीरियों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने के लिए फारूक अब्दुल्ला जिम्मेदार हैं, और उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए. भारत की विविधता के कारण ही आज कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ है, और कश्मीर के हर नागरिक को वही अधिकार मिले हैं जो बाकी भारतीयों को मिले हैं.
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फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्रीव उमर अब्दुल्ला के पिता भी हैं. ऐसे में उनका ये बयान अब्दुल्ला सरकार के लिए भी बड़ी मुसीबत बन सकता है.