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एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा होंगे राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर में उन्हीं के आदेश पर पाकिस्तान में घुसी थी वायुसेना!
राम मंदिर के पहले CEO के नाम का ऐलान कर दिया गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर के ट्रस्ट के CEO नियुक्त किए गए हैं. ऑपरेशन सिंदूर के वक्त वो ही वेस्टर्न कमांड के प्रमुख थे, उन्हीं के नेतृत्व और आदेश पर पाकिस्तान पर 90% हवाई हमले हुए थे.
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई. बुधवार को आखिरकार राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ के भी नाम का ऐलान किया गया. इसके लिए ट्रस्ट की मीटिंग हुई. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर के ट्रस्ट CEO नियुक्त किए गए.
इतना ही नहीं बैठक में ट्रस्ट के लिए तीन नए सदस्यों के नामों पर मुहर लगाई गई. खास बात यह रही कि पहली बार किसी महिला को भी ट्रस्ट में जगह दी गई है. ट्रस्ट में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और RSS से जुड़ी शिकोहाबाद की निर्मला यादव को शामिल किया गया है.
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है. बैठक में ट्रस्टी बनाए गए महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का चार्ज दिया गया. नए CEO और कोषाध्यक्ष महासचिव गोविंद देव गिरि को ही रिपोर्ट करेंगे.
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राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के नाम का हुआ ऐलान
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महेश भागचंदका का संबंध विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के परिवार से बताया जाता है. वर्ष 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई थी. इसके बाद 22 जनवरी 2024 को हुए राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी वह यजमान रहे.
मणिरामदास छावनी में दोपहर 2 बजे शुरू हुई ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर के पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी सीईओ के नाम की भी घोषणा की गई. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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राम मंदिर की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे जितेंद्र मिश्रा!
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है. ट्रस्ट ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया.
लंबे सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों के संचालन में दक्षता रखने वाले मिश्रा अब राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे. सीईओ के चयन के लिए गठित समिति ने ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था. इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व डीजीपी डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र के नाम भी शामिल थे.
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4 दशक का लंबा करियर रहा जितेंद्र मिश्रा!
ट्रस्ट ने विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई. जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. उन्होंने छह दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था. अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के 18 से अधिक विमानों पर उड़ान भरी और तीन हजार घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया.
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं. इसके अलावा, उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. उन्हें संचालन, रणनीतिक योजना, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का व्यापक अनुभव है.
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एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर रणनीतिक और संवेदनशील जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है. वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी कमान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके पास थी. ऐसे में सुरक्षा, संचालन और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय का उनका अनुभव अयोध्या में नई जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कौन हैं राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
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राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा.
राम मंदिर दान चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने सीईओ नियुक्त करने का फैसला किया.
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर ट्रस्ट की बैठक में लगी मुहर.
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भारतीय वायुसेना में करीब 39 साल का शानदार करियर.
फाइटर पायलट के रूप में 6 दिसंबर 1986 को IAF में हुए थे कमीशन.
3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव, 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ान में दक्ष.
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ऑपरेशन सिंदूर के वक्त वेस्टर्न कमांड की जिम्मेदारी संभाली.
Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली.
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Integrated Defence Staff में Deputy Chief (Operations) और Deputy Chief (Doctrine, Organisation & Training) भी रहे.
Aircraft & Systems Testing Establishment (ASTE) के Commandant और Chief Test Pilot रहे.
करगिल युद्ध के दौरान Mirage-2000 पर लेजर गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाने वाली टीम का हिस्सा रहे.
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फ्रांस में Garuda-IV मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया.
उत्कृष्ट सैन्य सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित
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Operation Sindoor में भूमिका के लिए 2025 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित.
चंपत राय के इस्तीफे के बाद कृष्ण मोहन हैं अंतरिम महासचिव.
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शरद शर्मा बने ट्रस्ट के प्रवक्ता
बैठक में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व मीडिया प्रभारी शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता बनाए जाने का भी फैसला हुआ. इसके अलावा मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा भी की गई.
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7 जून को आया था राम मंदिर में दान चोरी का मामला
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गौरतलब है कि 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी का मामला सामने आया था. इस प्रकरण में अब तक 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. इससे पहले 2 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे. इसके बाद सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. वहीं, 26 जुलाई को मंदिर से जुड़े धार्मिक मामलों के लिए 9 संतों की धार्मिक समिति गठित की गई थी.