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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने सीएम योगी से मांगी मदद !

हाल ही में खिलाड़ियों के समूह ने डीएम के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। खिलाड़ियों का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गौरव कपिल ने किया। उन्होंने सीएम से मांग की है कि उनकी संस्था के नाम पर जिस तरह से दूसरी संस्था फ़र्ज़ी तरीक़े से चल रही है उस पर लगाम लगाई जानी चाहिये।

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ हर वर्ग को साथ लेकर चल रहे हैं। पिछले 8-9 सालों में प्रदेश की जनता ने ये बात महसूस की है, तभी तो जिस भी कोने में चले जाइये सीएम योगी का दबदबा साफ़ दिखाई देता है। ऐसे में किसी भी वर्ग को कोई समस्या होती है तो वो सीधा सीएम ऑफिस का रुख़ करते हैं। अब देखिये ना हाल ही में खिलाड़ियों के समूह ने डीएम के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। खिलाड़ियों का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गौरव कपिल ने किया।

उन्होंने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय चिट्स एवं समिति मेरठ में पंजीकृत संस्था यू.पी.बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन, ए-पांडव नगर मेरठ पत्रावली संख्या 51648- एम के नाम पर एक साथ दो कार्य समिति संचालित हो रही है, ज़ाहिर है ये तो पूरी तरह से ग़ैर क़ानूनी है। ये बिल्कुल ऐसा है जैसा एक ड्राइविंग लाइसेंस पर दो अलग-अलग व्यक्ति ड्राइविंग कर रहे हो जो कि गैरकानूनी है। इनमें से एक कार्य समिति फर्जी है जो प्रदेश में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों से अवैध धन की उगाही कर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को सिद्ध कर रही है और खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। 


वाराणसी के रहने वाले एक शख़्स के संरक्षण में चल रही ट्रस्ट पूरी तरह से ग़ैर क़ानूनी है जो कि सोसाइटी एक्ट की धारा-4 की अवहेलना भी करती है। यहां पर मिनिस्ट्री आफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम और चिन्ह का दुरुपयोग मान्यता न होने के बावजूद भी किया गया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की गई जिसके बाद समिति को दोषी पाया गया है लेकिन संस्था पर कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।

खिलाड़ियों का कहना है कि समिति का प्रभाव उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ पर कहीं ना कहीं साफ-साफ नजर आता है क्योंकि मुख्यमंत्री पोर्टल पर उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव के द्वारा ये जानकारी  दी गयी है  कि उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ उन खेल संस्थाओं को मान्यता देता है जिनको खेल मंत्रालय, भारत सरकार से मान्यता होती है लेकिन 31 दिसंबर 2021 के बाद जिस संस्था की मान्यता नहीं थी उस संस्था को उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव के द्वारा 13-10-2023 में मान्यता कैसे दे दी जाती है ? ये सवाल भी खिलाड़ियों की तरफ़ से उठाया गया है।

आपको बता दें खिलाडियों ने ज्ञापन के माध्यम से सीएम से मांग की है की विषय की गंभीरता को समझते हुए इसकी गहन जांच होनी चाहिये। ज्ञापन देने वालों में नितिन छोक्कर,अंकुर पंवार, तरुण शर्मा ,विवेक पवार, विनय सैनी, अंतिष, आकाश ,संदीप धीमान, रोहित छोक्कर आदि उपस्थित रहे। देखने वाली बात होगी 

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