कचरे ने भरी केंद्र सरकार की तिजोरी, मोदी सरकार ने कबाड़ बेचकर कमाए 4,405 करोड़ रुपए
केंद्र सरकार ने चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियानों के तहत दफ्तरों के कबाड़ और पुरानी फाइलों को बेचकर 4,405 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त किया है.
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केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2021 से जनवरी 2026 तक, उसने कबाड़ की बिक्री से कुल 4,405.28 करोड़ रुपए की आय अर्जित की है. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के दौरान कबाड़ निपटान से 200.21 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है, जबकि जनवरी माह में स्वच्छता अभियान के तहत 5,188 कार्यालयों में 81,322 फाइलें छांटी गईं.
देशभर में 5,188 स्थानों पर स्वच्छता
विभाग के मुताबिक, ‘सचिवालय सुधार’ का 27 वां संस्करण शासन और प्रशासन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से चल रही पहलों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है. जनवरी में देशभर में 5,188 स्थानों पर सफाई अभियान सफलतापूर्वक चलाए गए. लगभग 4.34 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ है, जिसमें कोयला मंत्रालय (1,88,687 वर्ग फुट) और भारी उद्योग मंत्रालय (62,129 वर्ग फुट) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
कबाड़ बिक्री से 115.85 करोड़ रुपए का राजस्व
पिछले महीने, कबाड़ निपटान से 115.85 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई, जिसमें रेल मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और कोयला मंत्रालय जैसे मंत्रालयों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वहीं, एक रिपोर्ट में बताया गया, “प्रभावी अभिलेख प्रबंधन के तहत 1,82,000 फिजिकल फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 81,322 फाइलें अनावश्यक पाई गईं. 5,57,852 जन शिकायतों का निपटारा किया गया (कुल शिकायतों का 90.41 प्रतिशत निपटाया गया), साथ ही 1,032 सांसद संबंधी संदर्भों और 375 राज्य सरकार संबंधी संदर्भों का भी निपटारा किया गया”.
15 विभागों में 100 प्रतिशत ई-रसीदें अपनाई गईं
इसमें आगे कहा गया है कि फाइलों की संख्या कम करने की पहल को अपनाने से सक्रिय फाइलों के लिए औसत लेनदेन स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है, जो 2021 में 7.19 से घटकर जनवरी 2026 तक 4.31 हो गया है. जनवरी 2026 में बनाई गई कुल फाइलों में से लगभग 93.81 प्रतिशत ई-फाइलें हैं. प्राप्त रसीदों में से लगभग 95.29 प्रतिशत ई-रसीदें थीं, और 65 मंत्रालयों/विभागों ने उल्लेखनीय स्तर पर कम से कम 90 प्रतिशत ई-फाइलों को अपनाया है. 26 जनवरी के लिए पंद्रह मंत्रालयों/विभागों की ई-रसीदों में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
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