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चुनाव आयुक्त को ही मिल गया SIR का नोटिस, लिस्ट में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ विपक्ष के इन नेताओं का भी नाम

चुनाव आयुक्त एसएस संधू को SIR के तहत नोटिस भेजा गया है. उसके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी का नाम भी है.

Image Source- IANS/Election Commission Website
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देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है. इसमें किसी का नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो रहा है तो किसी के पास गड़बड़ी से जुड़ा नोटिस भेजा जा रहा है. चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को दुरुस्त किया जा रहा है. जिसमें देश की नामचीन और बड़ी हस्तियों को नोटिस भी भेजा जा रहा है, इस बार जो नाम सामने आए हैं उनमें सरकार से लेकर खुद चुनाव आयुक्त का नाम है. 

चुनाव आयुक्त एसएस संधू को SIR के तहत नोटिस भेजा गया है. उसके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी का नाम भी है. लिस्ट में केंद्रीय मंत्री और सरकार से जुड़े लोगों का नाम सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे. 

इन बड़े नेताओं का भी नाम

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चुनाव आयुक्त और केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ SIR के नोटिस में कई विपक्षी नेताओं का भी नाम है. इनमें कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी नाम है. 

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नेताओं के पास क्यों भेजा गया SIR का नोटिस? 

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग नेताओं और चुनाव आयुक्त को नोटिस SIR की प्रक्रिया के दौरान पाई गई छोटी-छोटी गलतियों के लिए भेजा गया है. जिसमें किसी के स्पेलिंग में अंतर पाया गया तो किसी के वोटर आई कार्ड में हिंदी और इंग्लिश के नाम की स्पेलिंग में अंतर था. हालांकि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है. उनका नाम लिस्ट से हटाया नहीं गया, केवल विसंगतियां दूर करने के लिए नोटिस भेजा गया है. साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. इसके बाद उनके वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. 

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क्या है SIR प्रक्रिया? 

SIR का मतलब है विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग के इस अभियान में जिसमें मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को घर-घर जाकर पूरी तरह से जांचकर अपडेट किया जाता है. 

जब मतदाता सूची में बहुत सारी गलतियां जमा हो जाती हैं जैसे, मृत लोगों के नाम, डुप्लिकेट नाम, शिफ्ट हो चुके लोगों के पुराने पते पर नाम दर्ज या नाम में कोई गलती पाई जाती है तो SIR के तहत उसे दुरुस्त किया जाता है. 

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SIR प्रकिया के दौरान इनमें से किसी भी तरह की गलती या पुराने रिकॉर्ड से मिलान न होने पर सुधार के लिए नोटिस भेजा जाता है, ताकि सुधार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके. 

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