‘अबोध बालक के हाथों कांग्रेस को बंधक मत बनने दीजिए…’, जेपी नड्डा का इशारों ही इशारों में राहुल गांधी पर हमला

राज्यसभा में बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को अबोध बालक तक करार दे दिया. इसी दौरान उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से नोकझोंक भी हो गई.

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05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
01:39 PM )
‘अबोध बालक के हाथों कांग्रेस को बंधक मत बनने दीजिए…’, जेपी नड्डा का इशारों ही इशारों में राहुल गांधी पर हमला
JP Nadda / Sansad TV (Screengrab)

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तल्खी देखी गई. इस दौरान भाजपा की ओर से बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. वहीं नड्डा और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हुई.

इस दौरान नड्डा ने सदन और संसद की कार्यवाही में व्यवधान डालने को लेकर सीधे-सीधे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल को एक तरह से अबोध बालक करार दे दिया. उन्होंने खड़गे से सीधे मुखातिब होते हुए कहा कि पार्टी को एक अबोध बालक के हाथों बंधक मत बनने दीजिए. नड्डा ने आगे कहा कि अबोधता और अहंकार का मिश्रण घातक होता है. कांग्रेस को उस अबोध व्यक्ति से बाहर निकलना चाहिए.

वहीं ऊपरी सदन राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब का हवाला दिए जाने का बचाव किया और कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों को मिलाकर संसद बनती है. अगर एक सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाएगा, तो दूसरे सदन में इसका असर पड़ेगा. उन्होंने अपना हमला और तीखा करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष अहंकार में है. वह लोकतंत्र को कुचलना चाहता है और विपक्ष की आवाज को दबाना चाहता है. हालांकि खड़गे के कुछ शब्दों को कार्यवाही से एक्सपंज यानी निकाल दिया गया.

क्यों बना है संसद में गतिरोध?

दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गलवान-डोकलाम विवाद सहित भारत-चीन संबंधों को लेकर पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का जिक्र किया और सरकार को घेरा था. हालांकि आसन ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया था. स्पीकर का कहना था कि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और इसे पढ़ने की अनुमति नहीं मिली है, इसलिए इसे सदन में नहीं पढ़ा जा सकता. 

हालांकि राहुल अपनी जिद पर अड़े रहे. इसके बाद भाजपा भी नेहरू, गांधी परिवार और कांग्रेस से जुड़ी कई किताबें ले आई, जिससे हंगामा और बढ़ गया. इसके बाद कांग्रेस बौखला गई. इसी कारण लोकसभा में बीते चार दिनों से गतिरोध बना हुआ है. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब नहीं दे पाए.

नड्डा ने बीते दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर क्या कहा था?

इससे पहले बीते दिन राज्यसभा में बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लिए आज 2026 में क्या करना है और अगले पांच सालों में क्या कार्रवाई की जाएगी, इसके रोड मैप को राष्ट्रपति के अभिभाषण में इंगित किया गया है.  

वह बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे. उन्होंने पिछले कुछ दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरीके से आर्थिक जगत में क्रांति पर क्रांति आती चली गई है. पहले यूरोपीय यूनियन के साथ हमारा समझौता, फिर आर्थिक सर्वे, उसके बाद क्रांतिकारी बजट और फिर इंडो-यूएस डील. एक के बाद एक श्रृंखला में हमको ऐसा देखने को मिला है.

भारत ग्लोबल ग्रोथ में देगा 20 प्रतिशत का योगदान: नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा कि आर्थिक सर्वे की बात करूं तो इसमें बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यह सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी है. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में 20 प्रतिशत का योगदान देगा. उन्होंने कहा कि यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है.

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उन्होंने कहा कि हमारा यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है. यह एग्रीमेंट भारतीय व्यवसायियों, कारीगरों, उद्यमियों और आईटी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए दरवाजे खोलने वाला है. यह एग्रीमेंट भारतीय लोगों के लिए 27 देशों का दरवाजा खोलने वाला है. इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा गया है. उन्होंने इसे रोजगार बढ़ाने वाला कदम बताया.

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