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‘मुंह में दही जमा है क्या’ ? बंगाल हिंसा पर चुप बैठे राहुल गांधी पर BJP नेता ने उठाये सवाल !
बंगाल में हो रही हिंसा पर बड़े बड़े नेताओं ने चुप्पी साध रखी है, खुलकर उस तरह से नहीं बोल रहे हैं जैसे उन्हें बोलना चाहिये, बस इसी को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शिवम त्यागी ने राहुल, अखिलेश और तेजस्वी तीनों को एक साथ जमकर खरी खोटी सुना डाली।
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हमारे देश के नेताओं की एक ख़ासियत है. जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आते हैं ना वैसे वैसे वो जनता के प्रति ना जाने क्यों बहुत ज़्यादा केयरिंग होते चले जाते हैं, उन्हें अचानक से पिछड़ों की दलितों की मुसलमानों की चिंता सताने लगती है। फिर उनके लिए बड़ी बड़ी घोषणाएं कर दी जाती हैं और जैसे ही चुनाव बीतते हैं फिर तो रंग बदलने के मामले में इन नेताओं से गिरगिट भी शर्मा जाये.
वैसे चुनाव आते आते कम से कम दलितों पिछड़ो मुसलमानों को लेकर बात तो होती है, बाकी बचे हिंदुओं का क्या ? वो तो ना किसी के चुनावी एजेंडे में होते हैं ना चुनाव से पहले ना ही चुनाव के बाद। शायद इसीलिए इस देश के संसाधनों पर पहला हक़ अल्पसंख्यकों का ख़ासकर मुसलमानों का बताने में भी कुछ नेताओं को शर्म नहीं आती। विडंबना तो ये भी है कि कहने भर के लिए देश में हिंदू मेजोरिटी में हैं, लेकिन बंगाल जैसे राज्यों का हाल देखिये।यहां के कुछ इलाके जो कि मुस्लिम बहुल हैं वहां पर हिंदुओं का जीना दुश्वार हो गया है।
वजह जानते हैं क्या है ? वजह ये है कि केंद्र सरकार की तरफ़ से वक़्फ़ कानून देश में लागी कर दिया गया है। पहले लोकसभा, फिर राज्यसभा और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक़्फ़ क़ानून देश में लागू हुआ तो बंगाल के मुसलमानों ने वहाँ के हिंदुओं को ही टार्गेट करना शुरू कर दिया। जाहिलता की हद देखिये इन जिहादियों को लगता है कि बंगाल के इन हिंदुओं की वजह से वक़्फ़ क़ानून आया है ? मतलब सोचकर देखिये कि क्या मानसिकता हो सकती है कि इन जिहादियों की जिन्हें ना अपने लोगों से प्यार है, ना अपने राज्य से प्यार है ना उसकी संपत्ति या उसकी धरोहर से प्यार है, लगे हैं क़ानून का विरोध करने.क्या होगा इस विरोध से ? वक़्फ़ क़ानून वापस हो जाएगा क्या ? नहीं.
खैर, कम तो हमारे नेता भी नहीं है ना जी। एक तरफ़ राज़्य की सीएम हैं ममता दीदी जो बवाल शांत कराने के लिए एक्शन लेने के बजाये अपील कर रही हैं, ग़लत आश्वासन दे रही हैं कि वो राज्य में इसे लागू नहीं होने देंगे तो दूसरी तरफ़ राहुल गांधी जैसे Leader of Opposition हैं जिनके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा। अखिलेश यादव हैं जिन्हें बंगाल में हिंदुओं के साथ बर्बरता दिखाई नहीं दे रही है, बिहार वाले तेजस्वी तो सीएम बनने के सपनो में ऐसे खोये हुए हैं कि वास्तविकता से उनका कनेक्शन ही टूट गया
ऐसे ही दिग्गज नेताओं को अब बीजेपी प्रवक्ता शिवम त्यागी ने जमकर खरी खोटी सुनाई है। उन्होंने पूछा है राहुल गांधी से सवाल कि भाई 99 सीटें मिली थी ना आपको आप कहां है ? एक ट्वीट तो कर दीजिये. उन्होंने पूछा है सवाल अखिलेश यादव से कि एक अख़बार का बहिष्कार करने के बाद आपने न्यूज़पेपर ही पढ़ना बंद कर दिया क्या है ? उन्होंने पूछा है सवाल तेजस्वी यादव से कि आप चुप क्यों है ? अगर चारा घोटाले का पैसा ख़त्म हो गया हो तो टीवी का रिचार्ज हम करा देंगे.
इसी बयान को शिवम् ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- राहुल गाँधी, अखिलेश याद और तेजस्वी यादव के घर में बिजली अखबार और टीवी का कनेक्शन कट गया है जिसकी वजह से ये जाति आधारित राजनीति के धुरंधर ट्वीट नहीं कर पा रहे बंगाल के दलितों पिछड़ों पर कुछ नहीं कह पा रहे. ये अंबेडकर फूले पेरियार किसी के मानने वाले नहीं हैं सिर्फ कुर्सी चाहिए इनको.
वैसे सवाल तो जायज़ है कि आख़िर नेता प्रतिपक्ष चुप क्यों है ? जाति जाति की बात करने वाले दलितों पिछड़ों को आगे बढ़ाने का दम भरने वाले अब चुप क्यों है ? शायद इसलिए क्योंकि यहाँ पर हिंदुओं के साथ बर्बरता हो रही है, अभी किसी और धर्म के लोगों के साथ कुछ हुआ होता ना तो हायतौबा मचाने सबसे पहले यही नेता आते।
हद तो तब हो गई जब इस मामले से ओवैसी जैसे नेताओं ने भी दूरी बना ली और कह दिया कि मैं बंगाल सरकार का ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन नहीं हूं।
भले ही ये सारे विपक्षी दल के नेता हिंदुओं के साथ बंगाल में हो रही बर्बरता पर दूरी बना रहे हों लेकिन इसी कड़ी में उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड सीएम योगी ने क्या कुछ कहा ?
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