Advertisement
दिल्ली सचिवालय को बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
दिल्ली सचिवालय को गुरुवार को एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया.
Advertisement
दिल्ली सचिवालय को गुरुवार को एक ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. जैसे ही अधिकारियों को इस बारे में जानकारी मिली, तुरंत पुलिस को सूचित किया गया और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं.
दिल्ली सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी
मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू की गई. शुरुआती जांच में अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है.
Advertisement
पुलिस का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्च ऑपरेशन जारी है.
Advertisement
अधिकारियों के मुताबिक, इस ईमेल में बम होने की बात कही गई थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की. ईमेल में 'खालिस्तान' शब्द का इस्तेमाल किया गया था, जिसके चलते मामले को और गंभीरता से लिया जा रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ईमेल किसने भेजा और इसके पीछे क्या मंशा थी.
हाल ही में सामने आई थी सुरक्षा में चूक
Advertisement
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई थी. सोमवार (6 अप्रैल) को एक शख्स ने हाई सिक्योरिटी को तोड़ते हुए वीवीआईपी गेट से दिल्ली विधानसभा परिसर में घुस गया. इतना ही नहीं, इसके बाद वहां गाड़ी से उतरा और स्पीकर की गाड़ी के पास फूलों का गुलदस्ता रखा और बिना किसी रोक-टोक के निकल गया. बाद में उसकी पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई, जिसे पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर पकड़ लिया था.
बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति पीलीभीत से कार चलाकर पहले चंडीगढ़ और फिर दिल्ली पहुंचा था. उसने गेट नंबर 2 को तोड़कर विधानसभा परिसर में प्रवेश किया था. पुलिस ने उसे नॉर्थ दिल्ली से गिरफ्तार किया और उसकी कार भी जब्त कर ली.
अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस इस मामले में यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके पीछे कोई साजिश तो नहीं थी और क्या इसमें कोई और भी शामिल है. साथ ही उसके मोबाइल की भी तलाश की जा रही है, जिसे उसने कथित तौर पर फेंक दिया था.
Advertisement
आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर
यह भी पढ़ें
जांच के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा है. वहीं, उसके वकील ने भी यही दलील दी कि वह इलाज करवा रहा है.