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गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो…अविमुक्तेश्वरनांद ने मोदी सरकार को दिया 33 दिनों का अल्टीमेटम

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार से देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की है उन्होंने सरकार को इस पर निर्णय लेने के लिए 33 दिनों का समय दिया है साथ ही 33 दिनों की यात्रा निकालने की बात भी कही है

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महाकुंभ की सफलता।  रिकॉर्ड बना रही श्रद्धालुओं की भीड़। और योगी आदित्यनाथ की तारीफ विपक्ष के साथ साथ कुंभ में बैठे शंकराचार्य को पसंद नहीं आ रही है। बार बार कमियां ढूंढते हुए मैदान में आते हैं। योगी आदित्यनाथ का इस्तीफ़ा मांगते हुए जमकर बौखलाते हैं। कुंभ के नाम पर योगी से पंगा लेकर जब शंकराचार्य की हेकड़ी निकली तो सीधे पीएम मोदी को धमकी देने पर उतर आए। लेकिन पीएम मोदी को कुंभ के नाम पर नहीं बल्कि गाय को लेकर निशाना बनाने की कोशिश की है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम मोदी को 33 दिन की चेतावनी दी जारी की है। प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर में मीडिया से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने कहा"शास्त्रों में उल्लेख है कि गाय के शरीर में 33 कोटि देवी देवताओं का वास है हम पिछले डेढ़ साल से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं अब हमने निर्णय किया है कि माघी पूर्णिमा के अगले दिन से हम 33 दिनों की यात्रा निकालेंगे. यह 33 दिन की यात्रा 17 मार्च को दिल्ली जाकर पूर्ण होगी। केंद्र सरकार के पास निर्णय करने के लिए 33 दिनों का समय है यदि वह इन 33 दिनों में कोई निर्णय नहीं करती तो हम 17 मार्च को शाम पांच बजे के बाद कोई कड़ा निर्णय करेंगे।


तो अभी तो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कुंभ में भगदड़। 30 लोगों की मौत पर योगी आदित्यनाथ की कुर्सी हिलाने की साजिश रच रहे थे। जमकर विपक्षियों के सुर में सुर मिलाकर कुंभ से बयानबाजी कर रहे थे। जब यहां कामयाबी नहीं पाई। योगी आदित्यनाथ के साथ साथ बाकी संतों ने अकल ठिकाने लगाई। तो सीधा दिल्ली उतरकर पीएम मोदी के राह में रोड़े अकटाने की धमकी दे रहे हैं.आंख दिखाते हुए 33 दिन की यात्रा करने 33 दिन में पीएम मोदी के खिलाफ बड़ा निर्णय देने की बात कह रहे हैं। खैर अविमुक्तेश्वरानंद के सुर यहीं नहीं थमे आगे उन्होंने कहा चेतावनी देते हुए कहा। "हमारी सरकार से मांग है कि गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता घोषित किया जाए औ गोहत्या को अपराध माना जाए। प्रदेश सरकार स्कूलों के पाठ्यक्रम में गाय को शामिल करने जा रही है लेकिन वहां भी अगर गाय को पशु बताया जाता है तो इसका क्या लाभ है"

गाय के हक के लिए मांग उठाकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कर तो सही काम कर रहे हैं। लेकिन उनके काम का तरीका और मांग का समय ठीक नहीं है। क्योंकि कुंभ आस्था के लिए है ना ही टीआरपी और राजनीति के लिए।और जिस तरीके से वो खुलकर मोदी योगी को टारगेट कर कुंभ के मैदान से हुंकार भर रहे हैं। उसपर लोग आपत्ति जता रहे हैं। सवाल उठा रहे हैं। कि क्या शंकराचार्य विपक्ष का एजेंडा चला रहे हैं। खैर मोदी योगी को घेरते हुए अब शंकराचार्य राहुल गांधी के खिलाफ ही बोल पड़े हैं। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते करते कुंभ में बैठ कर शंकराचार्य ने फिर से दो बड़े प्रस्ताव पारित किए। एक प्रस्ताव में अमेरिकी प्रशासन के हिंदू विरोधी कृत्य की कड़ी निंदा की। और दूसरा मनुस्मृति के  खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया गया।प्रस्ताव राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बाहर करने का। क्योंकि जिस शंकराचार्य की बोली से अभी तक राहुल अखिलेश खुश हो रहे थे। उसी शंकराचार्य ने कुंभ से खड़े होकर विपक्षियों की बोलती बंद करने का काम कर दिया। खैर जिस मकसद के साथ साथ ये लोग कुंभ को बदनाम कर योगी के खिलाफ माहौल बना रहे थे। उसी कुंभ की जमीन पर आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने सबकी बोलती बंद कर दी है।
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