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मुंबई में गार्ड्स पर जानलेवा हमला- पहले नाम पूछा, फिर धर्म... और फिर मौत का डर दिखाकर कलमा पढ़ने को किया मजबूर!
मुंबई के मीरा रोड पर गार्डों पर हुए हमले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) कर रही है, जिसे संभावित ‘लोन वुल्फ’ (अकेले हमला करने वाला) आतंकी हमला माना जा रहा है.
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मुंबई के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने जांच शुरू कर दी है. शुरूआती जांच में सुरक्षा एजेंसियां इसे एक संभावित 'लोन वुल्फ' (अकेले दम पर हमला करने वाला) आतंकी हमले के रूप में देख रही हैं.
धर्म पूछकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, आरोपी जैब जुबेर अंसारी सोमवार शाम वोकहार्ट अस्पताल के पीछे एक निर्माणाधीन इमारत के पास पहुंचा. वहां तैनात गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रोतो सेन से उसने पहले रास्ता पूछा और चला गया. कुछ देर बाद वह वापस लौटा और कथित तौर पर गार्डों से उनका धर्म पूछा.
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जबरन इस्लामिक कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया
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दावा यह भी किया जा रहा है कि आरोपी ने दोनों गार्डों में से एक गार्ड को जबरन इस्लामिक कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया. जब गार्ड ऐसा नहीं कर पाया, तो आरोपी ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया. वहीं, बीच-बचाव करने आए दूसरा गार्ड भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया. फिलहाल, दोनों गार्डों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
आरोपी के पास ISIS के संदिग्ध दस्तावेज मिले
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वहीं, गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली, तो वहां कई संदिग्ध सामग्री हाथ लगें, जिसमें आरोपी ने आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की इच्छा जाहिर की थी. जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों के हाथ लगे नोट में इस हमले को आतंकी संगठन में प्रवेश पाने की दिशा में अपना "पहला कदम" बताया गया था. आरोपी जैब जुबेर अंसारी का मुंबई के कुर्ला इलाके में जन्म हुआ और वह एक साइंस ग्रेजुएट है. वह साल 2010 से 2019 तक अमेरिका में रहा था, लेकिन वहां नौकरी न मिलने के कारण 2019 में भारत लौट आया.
लैपटॉप-मोबाइल से हैंडलर की तलाश
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जानकारी के मुताबिक, आरोपी मीरा रोड पर अकेला रहता था और ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था. जांच अधिकारियों का मानना है कि अकेलेपन के दौरान वह इंटरनेट के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा. फिलहाल ATS और नया नगर पुलिस उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह सीमा पार बैठे किसी हैंडलर के संपर्क में था.