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वक्फ बिल पर सीएम धामी का बड़ा बयान, बोले- यह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं
वक्फ बिल पास होने के बाद अब सियासी गलियारों में बयानबाजी शुरू हो गई है. इसी कड़ी में सीएम धामी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने ना सिर्फ बिल का समर्थन किया है बल्कि विरोधियों को कड़ा जवाब भी दिया है सीएम धामी ने कहा कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है यह विधेयक पारदर्शिता, न्याय और सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है..
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उत्तराखंड में अवैध मस्जिद मदरसों के ख़िलाफ़ ताबड़तोड़ कार्रवाई चल ही रही थी ।कि इसी बीच वक्फ संशोधन बिल ने मुस्लिमों में और ज्यादा हड़कंप मचा दिया। वो मौलाना और ज्यादा परेशान हो गए। जो उत्तराखंड में धामी सरकार के मदरसों पर एक्शन से बौखलाए हुए हैं। ऐसे में जैसे ही वक्फ संशोधन बिल आया। वैसे ही सीएम पुष्कर सिंह धामी मैदान में आए। तुरंत विरोधियों को ना सिर्फ कड़ा जवाब दिया। बल्कि साफ़ साफ़ बता दिया। वक्फ क़ानून से अब असली हिसाब होगा। सबसे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बिल का स्वागत किया। और लिखा की
"आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और आपके मार्गदर्शन में निश्चित तौर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक मुस्लिम समाज के वंचित वर्गों, विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक के लिये समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार और अभिनंदन!
इसके साथ ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस बिल का विरोध करने वालों को सख्ती से आईना दिखाया। क्योंकि उत्तराखंड में बीते दिनों से अवैध मस्जिद और मदरसों की जाँच की जा रही है और उन्हें पड़ताल के बाद सील किया जा रहा है। अभी तक 700 से ज्यादा अवैध मदरसे और मस्जिदों को सील किया जा चुका है। जिससे चंद मुस्लिम भड़के हुए हैं। और सरकार को आंख दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में विरोधियों की सीएम धामी चंद मिनटों में आईना दिखा दिया। बता दिया वक्फ बिल से आगे क्या क्या होगा।
ये बिल वक्फ बोर्ड में सुधार के लिए आया है लेकिन चंद लोग इसका विरोध कर अफवाह फैला रहे हैं। माहौल बना रहे हैं। ताकी मोदी सरकार के खिलाफ बवाल भड़के।क्योंकि असलियत ये है कि वक्फ संशोधन आने से अब ना सिर्फ बिचौलियों की दुकान पर ताला लग जाएगा। बल्कि वक्फ की आड़ में वक्फ की ज़मीन पर खेलने वालों मौलानाओं की पोल भी खुल जाएगी। वक्फ की संपत्तियों को गलत इस्तेमाल करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। और अवैध मस्जिद मदरसे भी जद में आएंगे जो वक्फ के नाम पर कब्जा कर अवैध तरीके से चल रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस बिल से आम मुसलमान पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फर्क उन्हीं पर पड़ेगा। जो इसका विरोध कर मुसलमानों को भड़का रहे हैं। अपनी दुकान बचाने की कोशिश में हाथ पांव मारते जा रहे हैं। जो वक्फ की संपत्तियों पर हक मारकर ख़ुद मौज उड़ा रहे हैं। ताकी देश में मोदी सरकार के खिलाफ माहौल को भड़काया जा सके। लेकिन ऐसे लोगों को हिसाब किताब करने की मोदी सरकार ने भी पूरी तैयारी कर ली है। और धामी सरकार ने भी अपने राज्य में इसे अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है।
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