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सीएम धामी ने आईटीबीपी और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए, स्थानीय किसानों और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी. राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा.

Image Credits: IANS
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को सीएम आवास में 'वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताजे फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. 

 धामी सरकार का अहम कदम

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

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शासकीय आवास पर ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत ITBP की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ITBP और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य MoU साइन किये गए।

इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात हमारे वीर जवानों को स्थानीय स्तर… pic.twitter.com/qEBIH4eneZ

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— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) ?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2026

उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताजे फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा.

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आईटीबीपी के जवानों को मिलेंगे ताजे फल एवं सब्जियां 


सीएम धामी ने आगे कहा कि यह पहल 'स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा' देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी. इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी. राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा.

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वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं. अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपए के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं. उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग के 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपए की आमदनी होगी.

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