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Parvesh Verma के कबूलनामे में फंसी BJP, अब क्या करेंगे मोदी-शाह ?
DELHI चुनाव से पहले BJP ने कैश बांटना शुरू कर दिया. AAP के इन आरोपों के बाद परवेश वर्मा ने खुद पैसे बांटने की बात क़बूली है. जिसमें अब BJP फंस गई.
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दिल्ली में एक बार फिर सत्ता हासिल करने के लिए आम आदमी पार्टी ने महिला सम्मान योजना का दांव खेल दिया। और दिल्ली की महिलाओं को चुनाव से पहले एक हजार रुपये महीना जबकि चुनाव जीतने के बाद 2100 रुपये दिये जाने का वादा कर दिया। केजरीवाल के इसी वादे ने लगता है बीजेपी आलाकमान की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया। इसीलिये लगता है अब बीजेपी भी दिल्ली की महिलाओं के लिए लाडली योजना शुरू करने का प्लान बना रही थी। क्योंकि बीजेपी के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा के घर से कुछ महिलाएं हाथ में लिफाफा लेकर निकलीं। जिस पर साफ साफ लिखा था। लाडली योजना। और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही पीएम मोदी की तस्वीर भी छपी थी। जिसमें 1100 रुपये भी थे।
इतना ही नहीं लिफाफा थामे महिलाओं ने खुद ये बात स्वीकार करते हुए कहा कि " हमें कहा गया कि कमल के बटन को दबाओगे तो पैसे मिलेंगे। जिस पर आम आदमी पार्टी ने हल्ला काट दिया और बीजेपी पर पैसे देकर वोट खरीदने का आरोप लगा दिया"
आम आदमी पार्टी की असली टक्कर बीजेपी से मानी जा रही है तो फिर भला ऐसे में केजरीवाल ये मौका कैसे छोड़ते। उन्होंने तुरंत मौके को लपकते हुए बीजेपी पर पैसे देकर वोट खरीदने का आरोप लगा दिया। जिस पर सफाई देने के लिए बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने जब मोर्चा संभाला तो। सफाई देते देते खुद ही ये बात स्वीकार कर लिया कि कम से कम केजरीवाल की तरह शराब तो नहीं बाट रहे हैं।
शराब के बहाने केजरीवाल पर पलटवार करते करते प्रवेश वर्मा ने खुद ये बात स्वीकार कर ली कि हां उन्होंने पैसे बांटे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ उनके घर से निकली महिलाओं ने भी कहा कि हमें कहा गया कि कमल के बटन को दबाओगे तो पैसे मिलेंगे।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने महिला सम्मान योजना का ऐलान किया ही था कि BJP नेता परवेश वर्मा ने भी कैश बांटना शुरू कर दिया। और वो भी लाडली योजना वाले लिफाफे में। जिससे जनता में ये संदेश जाए कि बीजेपी भी चुनाव जीतने के बाद महिलाओं को लाडली योजना के तहत पैसे देगी। जिससे दिल्ली की राजनीति में हड़कंप मच गया और आम आदमी पार्टी ने तुरंत इस मामले को कैश फॉर वोट से जोड़ दिया। यानि पैसे देकर वोट लेना। जिसके बाद से ही ये सवाल उठने लगा कि।
क्योंकि कुछ ही दिनों में दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने वाला है। ऐसे में लाडली योजना के लिफाफे में महिलाओं को 1100 रुपये देने का एक मतलब ये भी निकाला जा रहा है कि बीजेपी महिला वोटर्स को लुभाने के लिए ये पैंतरा अपना रही है। क्योंकि केजरीवाल ने पहले ही महिला सम्मान योजना का ऐलान कर दिया है और बीजेपी इस मामले में पीछे रह गई है। जिसकी पार्टी ने खुद मध्य प्रदेश में लाडली योजना के दम पर सत्ता हासिल की। और अब आनन फानन में लाडली योजना के लिफाफे में 1100 रुपये दिये जा रहे हैं। जिस पर आम आदमी पार्टी ने कैश फॉर वोट का आरोप लगाया तो प्रवेश वर्मा ने स्वीकार भी कर लिया कि हां मैंने पैसे बांटे हैं।
अब जरा सोचिये यही काम अगर आम आदमी पार्टी या कांग्रेस करती तो क्या बीजेपी शांत रहती। वो खुद सबसे पहले सामने आकर कैश फॉर वोट के आरोप लगाती। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अपनी नीतियों और योजनाओं के बारे में बता कर वोट हासिल करने के बजाए पैसे बांट कर कमल के फूल पर वोट मांगना कहां तक जायज है। क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को या फिर किसी भी पार्टी को ये हरकत शोभा देती है।
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