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'भारत की पूर्वी सीमा पर बना एक और पाकिस्तान', शेख हसीना के बेटे साजीब जॉय ने बांग्लादेश से सतर्क रहने को कहा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने भारत को बांग्लादेश से सतर्क रहने को कहा है क्योंकि पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है. उन्होंने साफ कहा कि यहां ISI और दूसरी एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई हैं जो कि दिल्ली के लिए चिंता का विषय होना चाहिए.

Image Source: IANS
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश से निर्वासन और 5 अगस्त 2024 को भारत आने के बाद पहली बार ऑडियो लिंक के ज़रिए एक इंटरनेशनल  प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित क‍िया. इस दौरान हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में दोषी ठहराए गए उग्रवादियों को रिहा कर दिया गया है, स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. इस दौरान उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भारत को ख़बरदार किया और कहा कि पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान बन गया है, इसलिए नई दिल्ली को सतर्क रहने की ज़रूरत है.

आपको बता दें कि इस पीसी में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय भी ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में अमेरिका से जुड़े थे. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताया और कहा कि भारत ने उन्हें पूरा सम्मान दिया.

शेख हसीना लौटेंगी बांग्लादेश, चाहे कुछ भी हो: जॉय

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बातचीत के दौरान जॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी मां को 'पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा.' सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि उनकी मां की भारत में बहुत अच्छी देखभाल की जा रही है. उन्होंने बताया कि हसीना की प्रस्तावित बांग्लादेश वापसी को लेकर ढाका सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने कहा, "हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं. वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो."

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बांग्लादेश बना पाकिस्तान, भारत को सतर्क रहने की जरूरत: जॉय

जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहां ISI समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं.

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साजीब वाजेद जॉय ने कहा: "भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बांग्लादेश, भारत के पूर्वी हिस्से में एक और पाकिस्तान बन गया है. आज आपकी पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान है...अल-कायदा के सदस्य सार्वजनिक रैलियों में भाषण दे रहे हैं. बांग्लादेश में यही हो रहा है, और यह भारत या पूरी दुनिया के लिए अच्छा संकेत नहीं है. अगर इसे रोका नहीं गया, तो भविष्य में ग्लोबल आतंकवादियों की अगली पीढ़ी बांग्लादेश से ही आएगी."

जब उनसे दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हाल की ढाका यात्रा और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ उनकी मुलाकात के बारे में पूछा गया तो जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का आतंक, शेख हसीना की PC में शामिल हुए थे शाकिब अल हसन, घर पर पेट्रोल बम से हमला

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उन्होंने कहा, "इस समय अमेरिका का मुख्य ध्यान व्यापार बढ़ाने पर है. उसका फोकस लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर नहीं है, इसलिए यह अमेरिका के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है."

वॉशिंगटन और पाकिस्तान के बढ़ते संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर जॉय ने कहा कि नई सरकारों के आने के साथ नीतियां बदलती रहती हैं और कुछ साल पहले स्थिति अलग थी. उन्होंने कहा, "ये चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं." इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी मौजूद थे.

शेख हसीना ने भारत को बताया अच्छा दोस्त

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इस दौरान शेख हसीना ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत हमेशा 'एक अच्छा दोस्त' रहा है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और इस बारे में उन्होंने भारत सरकार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया है.

सवालों का जवाब देते हुए हसीना ने कहा, "भारत हमेशा एक अच्छा और भरोसेमंद दोस्त रहा है और मुझे विश्वास है कि आगे भी रहेगा. मैं अपने देश और अपने लोगों के पास वापस जाना चाहती हूं. यह किसी सरकार का नहीं, बल्कि मेरा व्यक्तिगत फैसला है." हसीना ने कहा, "कुछ भी हो सकता है. वे मुझे मार भी सकते हैं. फिर भी मुझे जाना होगा. मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए."

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दो साल में पहली बार ऑडियो लिंक से जुड़ीं हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि वह दिसंबर में किसी समय अपने देश लौटना चाहती हैं, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख या समय नहीं बताया. उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला है और इसमें भारत सरकार से कोई चर्चा शामिल नहीं है.

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हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं. वर्ष 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा. बाद में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई. उन्होंने कहा, "उन्होंने हमारी जीत और मुक्ति संग्राम से जुड़े सभी प्रतीकों को नष्ट कर दिया है. हमें उन्हें फिर से वापस लाना होगा. मैं उस गौरव को दोबारा लौटाना चाहती हूं." हसीना ने एक गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए यह बात की. कार्यक्रम स्थल पर लगी स्क्रीन पर उनकी तस्वीर दिखाई नहीं गई.

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