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लखनऊ में दो हिस्सों में डेवलप होगी AI सिटी, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और निवेश के नए मौके

UP: आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. इस तरह एआई सिटी न सिर्फ तकनीकी प्रगति का केंद्र बनेगी, बल्कि भविष्य के लिए एक आदर्श स्मार्ट और टिकाऊ शहर का उदाहरण भी पेश करेगी.

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03 Jan 2026
( Updated: 03 Jan 2026
05:29 PM )
लखनऊ में दो हिस्सों में डेवलप होगी AI सिटी, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और निवेश के नए मौके
CM Yogi

CM Yogi: उत्तर प्रदेश अब तेजी से देश के बड़े तकनीकी और डिजिटल केंद्र के रूप में उभर रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस दूरदर्शी विकास मॉडल पर काम कर रही है, उसका अगला बड़ा कदम लखनऊ में प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी है. मुख्यमंत्री ने जनता के नाम अपने पत्र में भी साफ किया है कि सरकार इस परियोजना को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह एआई सिटी न सिर्फ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी.

दो हिस्सों में विकसित होगी लखनऊ की एआई सिटी

एआई सिटी को दो हिस्सों में विकसित करने की योजना है. करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र को कोर जोन के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां एआई इनोवेशन सेंटर, टेक पार्क और आधुनिक रिसर्च सुविधाएं मौजूद होंगी. वहीं, शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि यहां काम करने वाले लोगों को रहने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहतर माहौल मिल सके.

एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

योगी सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए. इसके लिए आईटी, आईटीईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर को ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी सोच के तहत लखनऊ की एआई सिटी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे सरकारी सहयोग और निजी निवेश का संतुलित ढांचा तैयार हो सके.

आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक टेक हब बनेगी एआई सिटी

लखनऊ की एआई सिटी को एक समर्पित और आत्मनिर्भर टेक हब के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई रिसर्च लैब्स, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और वैश्विक टेक कंपनियों के लिए आधुनिक वर्क स्पेस उपलब्ध कराए जाएंगे. इसका उद्देश्य भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एआई कंपनियों को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय सुविधाएं देना है, ताकि वे तेजी से अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ा सकें.

लखनऊ को टॉप-20 ग्लोबल एआई हब बनाने का लक्ष्य

यह परियोजना लखनऊ को दुनिया के टॉप-20 एआई हब्स में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है. राजधानी होने के साथ-साथ लखनऊ की शैक्षणिक और तकनीकी क्षमता इस दिशा में बड़ी ताकत है. आईआईएम लखनऊ और आईआईआईटी लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पहले से ही यहां मौजूद हैं, जो रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि एआई सिटी इन संस्थानों के साथ मिलकर एक मजबूत और कुशल टैलेंट पूल तैयार करेगी.

युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य के नए अवसर

एआई सिटी के जरिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. आईटी प्रोफेशनल्स, डेटा साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स, रिसर्चर्स और स्टार्टअप उद्यमियों के लिए यह एक बड़ा मंच बनेगा. इससे स्थानीय युवाओं को नौकरी के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें यहीं पर उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर मिलेंगे.

ग्रीन और सस्टेनेबल विकास की मिसाल बनेगी एआई सिटी

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लखनऊ की एआई सिटी को ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इसका मतलब है कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. इस तरह एआई सिटी न सिर्फ तकनीकी प्रगति का केंद्र बनेगी, बल्कि भविष्य के लिए एक आदर्श स्मार्ट और टिकाऊ शहर का उदाहरण भी पेश करेगी.

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