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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का टीएमसी पर निशाना, गलत मतदाताओं के सहारे जीत का आरोप

धायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "हमारा विषय यह है कि ईसीआई ने पूरे पश्चिम बंगाल में फॉर्म 7 जमा करने के विषय में बोला था, जिसमें एक व्यक्ति एक से ज्यादा बार फॉर्म 7 जमा कर सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बाद में टीएमसी कैसे बाधा डालती रही कि हम फॉर्म 7 नहीं दे पाएं"

ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सियासी बयानबाजी तेज है. इस बीच भाजपा विधायक अग्नमित्रा पॉल ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए टीएमसी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी 2011 से गलत मतदाताओं के सहारे जीतती आई हैं.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची विवाद

पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी विरोध करती रही है. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिया है, उस पर आयोग कैसे काम करेगा, वह उसका विषय है, कि हमारा. हम चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में स्वच्छ मतदाता सूची हो. 2011 से 2025 तक ममता बनर्जी जिस तरह से गलत मतदाताओं के सहारे जीतती आई हैं, वह सबके सामने प्रमाणित हो चुका है."

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची में गड़बड़ी वाले नाम सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है.

भाजपा विधायक ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधा

विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "हमारा विषय यह है कि ईसीआई ने पूरे पश्चिम बंगाल में फॉर्म 7 जमा करने के विषय में बोला था, जिसमें एक व्यक्ति एक से ज्यादा बार फॉर्म 7 जमा कर सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बाद में टीएमसी कैसे बाधा डालती रही कि हम फॉर्म 7 नहीं दे पाएं. आसनसोल दक्षिण में हमारा फॉर्म 7 जला दिया गया, बीएलए-1, बीएलए-2, चाहे महिला-पुरुष हों, वो मारे गए. इस पर हो रही हिंसा को चुनाव आयोग देखे. हमें सिर्फ निष्पक्ष चुनाव चाहिए. यह कैसे किया जाएगा, वह आयोग तय करे."

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट डीजी को शृंखला देखने का आदेश दे रहा है. वह डीजी जो अवैध काम करता है और मुख्यमंत्री के साथ ईडी की रेड में चला जाता है और फोन चोरी करके आता है, आप उसी को लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने की जिम्मेदारी देते हैं. यह आदेश ठीक उसी तरह है जैसे बिल्ली को बोला जाए, मछली पर पहरा दें. इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग ध्यान दें. हमारा एक उद्देश्य है कि हम बंगाल की मतदाता सूची में किसी अवैध रोहिंग्या, डुप्लीकेट और मर चुके वोटरों के नाम को नहीं रहने देंगे."

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