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CJP प्रोटेस्ट के बाद अब एक और बड़ा आंदोलन! Gen-Z का मिल रहा जबरदस्त सपोर्ट, चंद घंटों में हुए करीब 6 मिलियन फॉलोअर्स

कॉकरोच जनता पार्टी को मिली फौरी सफलता के बाद देश में एक और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है. इसका नाम है आरक्षण हटाओ आंदोलन, जिसे सोशल मीडिया पर काफी सपोर्ट भी मिल रहा है. इसके अलावा इनकी जो मांगें हैं, उनके कारण सरकार की टेंशन बढ़ गई है.

Image Source: IANS
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर क़रीब एक महीने के प्रोटेस्ट के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दूसरी अन्य मांगें सरकार से मनवाने के बाद देश के कई इलाकों में आंदोलनकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. छात्र से जुड़े एक मुद्दे पेपर लीक पर मिले व्यापक जनसमर्थन के बाद एक और प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, जिसे यूथ का व्यापक समर्थन मिल रहा है.

और ये आंदोलन है आरक्षण से जुड़ा. देश में आरक्षण हटाने को लेकर अब विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन होने जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसको लेकर हैंडल बन चुके हैं, वेबसाइट भी बना ली गई है. इस माँग को को विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक समर्थन भी मिल रहा है. हैंडल बनते ही रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के करीब 5.4 मिलियन फॉलोअर्स हो चुके हैं.

ये मुहिम भी सीजेपी के ही तौर-तरीकों से प्रेरित है. आपको याद होगा कि सीजेआई सूर्यकांत के कथित बयान के बाद सीजेपी के नाम से सोशल मीडिया हैंडल्स बनाए गए, जिसके कुछ ही समय के अंदर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी से भी ज्यादा फॉलोअर्स हो गए. इसका असर क्या हुआ, वो अब इतिहास है, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी सबके सामने है.

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आरक्षण हटाओ आंदोलन को धार देने और क्रेडिबिलिटी देने के लिए संविधान निर्माण के जनक बाबा साहब अंबेडकर के ही बयानों और किताबों से स्लोगन लिया गया है. आरक्षण हटाओ आंदोलन वालों ने अपना स्लोगन बाबा साहब की प्रेरणा से लिया है ‘एजुकेट, एजिटेट, ऑर्गेनाइज.’ आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे पूरी तरह जनता का आंदोलन करार दिया है और राजनीतिक लिंक, जुड़ाव से इनकार किया है.

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बाबा साहब की प्रेरणा से ही लिया स्लोगन

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के सोशल मीडिया हैंडल से अब तक 109 पोस्ट्स की गई हैं. इतना ही नहीं आधिकारिक हैंडल से भारतीय सेना को फॉलो किया जा रहा है. 4.6 मिलियन फॉलोअर्स वाले इस आंदोलन के हैंडल के बॉयो मे लिखा है कि, ‘उन नागरिकों द्वारा समर्थित, जो मानते हैं कि सुधार को एक आवाज़ की ज़रूरत है.’

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RHA का स्लोगन-सारी जाति एक समान

इतना ही नहीं RHA के इंस्टा अकाउंट पर लिखा है ‘सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान. जय हिंद’. इसके अलावा RHA की इंस्टा डीपी में क्रांतिकारी शब्द लिखे हैं जैसे कि ‘समानता, योग्यता, न्याय.’ वहीं RHA को काले और लाल रंग से लिखा गया है और एकजुटता के लिए हाथ की मुट्ठी वाला लोगो भी इसमें लगाया गया है. वहीं डीपी में तिरंगे को भी शामिल किया गया है.

इसके कई पोस्ट में अपील की गई है कि सरकार का एक बदलाव आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है, जो कि बीजेपी ऐसा करने में सफल नहीं रही है. इतना ही नहीं राजनीतिक लिंक के नुक़सान को देखते हुए आंदोलन ने साफ़ कर दिया है कि उनका किसी भी दल से कोई संबंध नहीं है. इसमें आगे कहा गया है कि उनका फ़ोकस पॉलिसी है, पार्टी नहीं. हमारा आंदोलन सभी राजनीतिक दलों से आज़ाद है. 

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इसके साथ ही आरक्षण हटाओ आंदोलन ने कुछ मांगे सरकार और देश के सामने रखी हैं. इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को खत्म करना है. इसके आगे कहा गया है कि आए दिन, रोजमर्रा के कामकाज में जाति को मान्यता देने बंद कर देना चाहिए. इसमें कहा गया है कि किसी की पहचान ब्राह्मण, जाट, गुर्जर, एससी, एसटी के रूप भी नहीं करनी चाहिए.

क्या है रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन की मांग?

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रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन ने अपनी कुछ मांग भी रखी हैं. इसका उद्देश्य जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करना है. साथ ही यह भी कहना है कि सरकार को रोजमर्रा की सार्वजनिक जिंदगी में जाति को मान्यता देना बंद कर देना चाहिए. रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन का कहना है कि किसी की पहचान ब्राह्मण, जाट, गुर्जर, एससी, एसटी के रूप में नहीं होनी चाहिए.

इसके अलावा जाति दिखाने, जाति के कॉलम की बाध्यता को भी दिखाने को अवैध घोषित करने की मांग की गई है. वहीं RHA ने माँग की है कि सरकारी फॉर्म, कॉलेज-शिक्षण संस्थानों, प्रवेश, रोज़गार और आवेदन आदि में जाति दर्ज करने की बाध्यता भी खत्म करने की माँग की है. इसमें आगे कहा कि हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य है, ‘एक राष्ट्र, एक पहचान, भारतीय’ है.

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साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि जाति दिखाने को अवैध घोषित किया जाए. समूह ने आगे कहाकि नागरिकों को सामान्य सरकारी फॉर्म, शैक्षिक प्रवेश, रोजगार आवेदन या अन्य सार्वजनिक प्रक्रियाओं में जाति दर्ज करने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए. आगे कहा गया है कि हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य, 'एक राष्ट्र, एक पहचान, भारतीय' है.

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