Advertisement

Loading Ad...

एक टीचर ऐसी भी…कैंसर से जंग लड़ते हुए देश के सैनिकों को दे दी जिंदगीभर की जमा पूंजी

Teacher donated: करिबासम्मा ने अपने जीवन की बचत को इलाज पर खर्च करने की बजाय देश के जवानों के लिए समर्पित करने का फैसला लिया. उनका कहना है कि वे अपनी बचत प्रधानमंत्री को देना चाहती थीं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया, इसलिए उन्होंने यह राशि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई.

Image Source: Canva (Representative Image)
Loading Ad...

Teacher donated his entire savings to the Soldier: कर्नाटक के दावणगेरे से एक ऐसी भावुक और प्रेरणा देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया है.. यहां एक बुजुर्ग महिला केबी करिबासम्मा ने अपने जीवनभर की जमा -पूंजी देश के शहीद जवानों के परिवारों और सैनिकों की मदद के लिए दान कर दी है. उन्होंने अपनी पेंशन, बचत और यहां तक कि अपने घर को बेचकर मिली रकम को भी इस नेक काम में लगा दिया. उन्होंने करीब 10 लाख रूपये 'भारत के वीर' फंड में दान किए हैं..

कौन हैं केबी करिबासम्मा?

केबी करिबासम्मा दावणगेरे की एक पूर्व शिक्षिका हैं, जिन्हें समाज में उनकी सादगी और सेवा भावना के लिए जाना जाता है. वे लंबे समय से गंभीर बीमारी कैंसर से जूझ रही हैं और अपनी जिंदगी के कठिन दौर से गुजर रही हैं.

Loading Ad...

इसके बावजूद उन्होंने कभी अपने हालात को अपने इरादों पर हावी नहीं होने दिया.  वे समाज में इच्छामृत्यु के अधिकार को लेकर भी लंबे समय से आवाज उठा रही हैं, ताकि गंभीर और असाध्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को सम्मान के साथ जीवन समाप्त करने का अधिकार मिल सके.

Loading Ad...

38 साल से इस देश में नहीं गया कोई भारतीय प्रधानमंत्री, 3 देशों के दौरे पर निकलने की तैयारी में PM मोदी

क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?

Loading Ad...

करिबासम्मा ने अपने जीवन की बचत को इलाज पर खर्च करने की बजाय देश के जवानों के लिए समर्पित करने का फैसला लिया. उनका कहना है कि वे अपनी बचत प्रधानमंत्री को देना चाहती थीं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया, इसलिए उन्होंने यह राशि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई.

उनका मानना है कि देश की रक्षा में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की मदद करना सबसे बड़ा सम्मान है, और यही उनके जीवन का अंतिम योगदान है.

वाराणसी: BJP पार्षद की नाव पर गंगा में पकाया गया चिकन, परोसी गई शराब, VIDEO वायरल होते ही एक्शन, 5 गिरफ्तार

Loading Ad...

प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया

इस पहल को लेकर स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों ने उनकी खूब सराहना की है..जिला अधिकारियों ने बताया कि यह राशि आगे सरकार के माध्यम से सैनिक कल्याण कार्यों में उपयोग की जाएगी.

यह भी पढ़ें

पूर्व एमएलसी सहित कई लोगों ने इसे बेहद प्रेरणादायक कदम बताया है और कहा है कि करिबासम्मा का यह निर्णय समाज को यह संदेश देता है कि देशभक्ति केवल बड़े पदों या ताकत से नहीं, बल्कि भावनाओं और निस्वार्थ सेवा से भी दिखाई देती है.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...