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समुंद्र में फंसी 3 लाख टन LPG, सप्लाई पर पड़ सकता है असर, सरकारी अधिकारी ने दी चेतावनी
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में 3 लाख टन एलपीजी (LPG) फंस गई है, जिससे भारत में गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है.
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण करीब 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसी हुई है. यह जानकारी पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने दी है.
समुंद्र में फंसे 3 लाख टन LPG वाले जहाज
विशेष सचिव ने बताया कि महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में मौजूदा हालात के कारण एलपीजी लेकर जा रहे कई जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. उनके अनुसार, इस समय 6 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं, और हर जहाज में करीब 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है. इस तरह कुल मिलाकर करीब 3 लाख मीट्रिक टन ईंधन अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज- दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्पूर्ण जलमार्ग
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होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) को अरब सागर से जोड़ता है. इस रास्ते में किसी भी तरह की बाधा आने से वैश्विक ऊर्जा व्यापार और सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ता है.
नंदा और शिवालिक से मिली राहत
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इस बीच, भारत के लिए राहत की खबर भी आई है. भारतीय झंडे वाला दूसरा एलपीजी टैंकर 'नंदा देवी' मंगलवार को गुजरात के वडीनार पोर्ट पहुंच गया. एक दिन पहले सोमवार को पहला भारतीय टैंकर 'शिवालिक' भी गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था. अधिकारियों के अनुसार, शिवालिक करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया, जिसमें से 20,000 टन मुंद्रा में उतारा जाएगा और बाकी 26,000 टन मंगलुरु में उतारा जाएगा.
तनाव के बीच कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘जग लाडकी’
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ये दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बेहद जोखिम भरे रास्ते को पार करके भारत पहुंचे हैं, जहां ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण समुद्री यातायात प्रभावित हो रहा है. हालांकि, अभी भी एक और जहाज 'जग लाडकी', जो यूएई से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है, भारत की ओर रास्ते में है. ऐसे में, होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा हालात के कारण वैश्विक और भारतीय ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बना हुआ है.