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क्यों काले पड़ते हैं घुटने और कोहनी? जानें शरीर के अंदर होने वाले इस बदलाव की वजह
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, नकल्स, कोहनी और घुटनों की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में थोड़ी मोटी होती है। इन जगहों पर बार-बार दबाव पड़ने से त्वचा की ऊपरी परत में केराटिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह हिस्सा गहरे रंग का दिखाई देने लगता है।
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चेहरे की देखभाल तो सभी लोग करते हैं लेकिन शरीर के कुछ ऐसे हिस्से हैं जिनपर ज़्यादातर लोग ध्यान नहीं दे पाते। जैसे हाथों की उंगलियों के जोड़, कोहनी और घुटने जो समय के साथ धीरे धीरे काले होने लगते हैं। इनपर जमा कालापन केवल गंदगी या सफाई की कमी नहीं होती बल्कि शरीर के अंदर कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जो इन हिस्सों को प्रभावित करते हैं।
क्या कहते हैं त्वचा विशेषज्ञ?
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, नकल्स, कोहनी और घुटनों की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में थोड़ी मोटी होती है। इन जगहों पर बार-बार दबाव पड़ने से त्वचा की ऊपरी परत में केराटिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह हिस्सा गहरे रंग का दिखाई देने लगता है।
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कई बार लगातार घर्षण के कारण शरीर उन जगहों पर मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा देता है। मेलेनिन हमारी त्वचा के रंग को तय करता है। जब किसी हिस्से पर बार-बार दबाव या चोट जैसी स्थिति बनती है तो शरीर सुरक्षा के तौर पर वहां ज्यादा मेलेनिन बनाने लगता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा हो सकता है।
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हालांकि, अगर नकल्स, कोहनी या घुटनों का कालापन अचानक बढ़ने लगे, तो इसे केवल बाहरी समस्या मानना सही नहीं है। कई मामलों में ये इंसुलिन रेजिस्टेंस से भी जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता और खून में इंसुलिन का स्तर बढ़ने लगता है। इसका असर त्वचा की कोशिकाओं पर भी पड़ सकता है।
कुछ लोगों में विटामिन बी12 की कमी के कारण भी त्वचा पर गहरा रंग दिखाई दे सकता है, खासकर अगर उंगलियों के जोड़ों में ज्यादा कालापन आ रहा हो, तो ये शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, थायरॉइड की समस्या या एडिसन डिजीज जैसी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी त्वचा में बदलाव लाती हैं। इसलिए, अगर कालापन लंबे समय से बना हुआ है या इसके साथ कमजोरी, वजन में बदलाव या दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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प्राकृतिक चीज़ों का इस्तेमाल है मददगार
इन समस्याओं में त्वचा की सही देखभाल के साथ कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है। आयुर्वेद में त्वचा की सफाई, नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने के लिए कई घरेलू उपाय बताए गए हैं। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले ये समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है।
कौन सी चीज़ें हैं उपयोगी
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दही और हल्दी का मिश्रण त्वचा के कालेपन को हटाने में उपयोगी माना जाता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, जबकि हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसके लिए दो चम्मच दही में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद इसे पानी से साफ कर लें।
आलू और नींबू का इस्तेमाल भी कई लोग त्वचा के कालेपन को कम करने के लिए करते हैं। आलू में कुछ ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो त्वचा की रंगत को समान बनाने में मदद कर सकते हैं, वहीं नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकता है।
बादाम और मलाई का मिश्रण भी इसमें लाभकारी माना जाता है। बादाम में मौजूद विटामिन ई त्वचा को पोषण देता है और मलाई त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करती है। इसी तरह बेसन और एलोवेरा का मिश्रण भी त्वचा की सफाई करता है। एलोवेरा में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.