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माइग्रेन के दर्द से हैं परेशान तो इस चीज़ से मिल सकती है राहत, जानें ये घरेलू उपाय कैसे कर सकता है मदद

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें दिमाग की नसों और उनसे जुड़े रसायनों में बदलाव होने लगता है, जिससे दर्द की प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार ये दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक भी रह सकता है। कुछ लोगों में हार्मोनल बदलाव, तनाव, भूखे रहना, कम पानी पीना या कुछ खाद्य पदार्थ भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। यही वजह है कि माइग्रेन के इलाज में केवल दवा ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

Image Credit: ChatGPT
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सिरदर्द होना एक आम समस्या है जिसके लिए हम अक्सर पेन किलर खा लेते हैं और उससे सिर दर्द ठीक हो जाता है। लेकिन एक ऐसा सिर दर्द जो कई घंटों तक बना रहता है और जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द महसूस हो, वो होता है माइग्रेन। माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द से अलग होता है। दवाएं इस समस्या के इलाज का मुख्य तरीका हैं, लेकिन वैज्ञानिक शोध ये भी बताते हैं कि कुछ प्राकृतिक उपाय लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में अजवाइन भी शामिल है।

माइग्रेन ठीक करने के लिए जीवनशैली में सुधार भी ज़रूरी 

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें दिमाग की नसों और उनसे जुड़े रसायनों में बदलाव होने लगता है, जिससे दर्द की प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार ये दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक भी रह सकता है। कुछ लोगों में हार्मोनल बदलाव, तनाव, भूखे रहना, कम पानी पीना या कुछ खाद्य पदार्थ भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। यही वजह है कि माइग्रेन के इलाज में केवल दवा ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

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माइग्रेन की समस्या में अजवाइन कैसे करता है मदद 

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अजवाइन में सबसे महत्वपूर्ण तत्व थाइमोल है। शोध के अनुसार, थाइमोल में सूजन कम करने, बैक्टीरिया से लड़ने और दर्द की तीव्रता घटाने वाले गुण पाए जाते हैं। जब शरीर में सूजन बढ़ती है, तो वह कई बार माइग्रेन के दर्द को भी बढ़ा सकती है। ऐसे में थाइमोल सूजन की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। हालांकि ये माइग्रेन का इलाज नहीं है, लेकिन कुछ लोगों में दर्द की तीव्रता कम करने में सहायक हो सकता है।

आयुर्वेद में भी अजवाइन को पाचन सुधारने वाला और वात-कफ को संतुलित करने वाला बताया गया है। पाचन तंत्र और दिमाग के बीच एक गहरा संबंध होता है। इसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है। कई लोगों में गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं माइग्रेन को बढ़ा सकती हैं। अजवाइन पाचन को बेहतर बनाने और गैस कम करने में मदद करती है। जब पाचन तंत्र सामान्य रहता है, तो माइग्रेन के कुछ ट्रिगर भी कम हो सकते हैं।

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अजवाइन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट इन हानिकारक तत्वों के असर को कम करने में मदद करते हैं। इसी कारण माना जाता है कि अजवाइन शरीर में होने वाले तनाव और सूजन को कुछ हद तक नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है।

कैसे करें इसका इस्तेमाल

माइग्रेन के दौरान कई लोग अजवाइन की गर्म पोटली का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए हल्की गर्म की गई अजवाइन को सूती कपड़े में बांधकर उसकी भाप या खुशबू ली जाती है। माना जाता है कि इसकी तेज सुगंध नाक के रास्ते श्वसन तंत्र को आराम देती है और कई लोगों में सिर के भारीपन की भावना कम हो सकती है। हालांकि इस तरीके को इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

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कुछ लोग अजवाइन का पानी भी पीते हैं। अजवाइन को पानी में उबालकर तैयार किया गया पेय पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति में माइग्रेन का संबंध गैस, अपच या पेट की गड़बड़ी से है, तो ये तरीका कुछ राहत दे सकता है। हालांकि ये जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में समान असर करेगा। सभी में माइग्रेन के कारण अलग-अलग हो सकते हैं।

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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