Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

कॉफ़ी के शौक़ीन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! इससे लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा हो सकता है कम

नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में गंभीर लिवर बीमारी का खतरा कम होता है। इनमें लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं। जी हाँ, ये चौंकाने वाली खबर कोई आम दावा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सालों का शोध और अध्ययन शामिल है।

Image Credit: ChatGPT
Loading Ad...

अगर आप भी हैं एक कॉफ़ी लवर और आपकी सुबह भी कॉफ़ी पीए बिना अधूरी है तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। अक्सर कॉफ़ी को सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन ने कॉफी प्रेमियों को मुस्कुराने की वजह दे दी है। 

अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में गंभीर लिवर बीमारी का खतरा कम होता है। इनमें लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं। जी हाँ, ये चौंकाने वाली खबर कोई आम दावा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सालों का शोध और अध्ययन शामिल है। 

अमेरिका के सीडर्स-सिनाई के शोधकर्ताओं ने ये अध्ययन किया जिसे मेडिकल जर्नल क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। शोध में ब्रिटेन के यूके बायोबैंक में शामिल करीब 3.55 लाख लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इन लोगों को अध्ययन की शुरुआत में न तो सिरोसिस था और न ही लिवर कैंसर। शोधकर्ताओं ने करीब 13 साल तक इन लोगों की सेहत पर नजर रखी।

Loading Ad...

क्या कहते हैं आंकड़े?

Loading Ad...

अध्ययन में सामने आया कि जो लोग रोजाना पांच या उससे ज्यादा कप कॉफी पीते थे, उनमें कॉफी न पीने वालों की तुलना में सिरोसिस का खतरा 32 प्रतिशत तक कम था। वहीं, ऐसे लोगों में लिवर कैंसर होने का खतरा 47 प्रतिशत कम और लिवर से जुड़ी बीमारी के कारण मौत का खतरा 42 प्रतिशत तक कम पाया गया।

हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका मतलब ये नहीं है कि हर व्यक्ति को अब पांच या उससे ज्यादा कप कॉफी पीनी शुरू कर देनी चाहिए। अध्ययन में ये भी देखा गया कि कॉफी के फायदे एक-दो कप रोजाना पीने वालों में भी दिखाई दिए। वहीं, तीन से चार कप प्रतिदिन पीने वालों में इसका संबंध सबसे मजबूत नजर आया।

Loading Ad...

अध्ययन के प्रमुख लेखक और सीडर्स-सिनाई के लिवर कैंसर प्रोग्राम के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. जू डोंग यांग ने कहा कि जो लोग कॉफी पीते हैं और उसे आसानी से सहन कर पाते हैं, उनके लिए सामान्य मात्रा में कॉफी पीना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन केवल लिवर की सुरक्षा के लिए किसी को कॉफी पीना शुरू करने की सलाह नहीं दी जा सकती।

शोधकर्ताओं ने ये समझने की कोशिश भी की कि आखिर कॉफी का लिवर पर असर कैसे हो सकता है। इसके लिए उन्होंने लोगों के लिवर एमआरआई स्कैन और खून में मौजूद प्रोटीन की जांच की। इसमें पाया गया कि कॉफी पीने वालों में लिवर में जमा फैट, सूजन और फाइब्रोसिस यानी लिवर में निशान बनने से जुड़े संकेत कम थे। उनके लिवर से जुड़े प्रोटीन प्रोफाइल भी ज्यादा स्वस्थ पाए गए।

कैफीन और बिना कैफीन वाली कॉफ़ी के समान फायदे  

Loading Ad...

एक और दिलचस्प बात ये सामने आई कि कैफीन वाली और बिना कैफीन वाली दोनों तरह की कॉफी पीने वालों में लिवर से जुड़े समान फायदे देखे गए। इससे वैज्ञानिकों का मानना है कि केवल कैफीन ही नहीं, बल्कि कॉफी में मौजूद दूसरे तत्व भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।

डॉ. ह्यूनसेक किम, जो इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ताओं में शामिल हैं, के अनुसार कॉफी में सैकड़ों जैविक तत्व पाए जाते हैं। इनमें क्लोरोजेनिक एसिड, पॉलीफेनॉल और डाइटरपीन जैसे तत्व शामिल हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये तत्व लिवर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकते हैं।

सिर्फ कॉफ़ी लिवर को स्वस्थ रखने का तरीका नहीं 

Loading Ad...

विशेषज्ञों का कहना है कि कॉफी एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकती है, लेकिन ये लिवर को स्वस्थ रखने का अकेला तरीका नहीं है। इसके लिए संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मेवे, जैतून का तेल और मछली से भरपूर मेडिटेरेनियन डाइट लिवर के लिए अच्छी मानी जाती है।

इसके अलावा डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस को नियंत्रित करना, हेपेटाइटिस जैसी संक्रमण वाली बीमारियों से बचाव करना और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।

इस रिसर्च में केवल लोगों की कॉफी पीने की आदत और उनकी सेहत के बीच संबंध देखा गया। वैज्ञानिक इसे कारण और परिणाम के रूप में साबित नहीं कर पाए हैं। यानी ये निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि कॉफी पीने की वजह से ही लिवर बेहतर रहता है।

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...