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भद्रासन: मानसिक शांति और शारीरिक मजबूती के लिए आसान योगासन
आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना और असंतुलित जीवनशैली हमारे शरीर को धीरे-धीरे प्रभावित करती है. ऐसे में योगासन हमारी सेहत को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
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आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना और गलत जीवनशैली शरीर को धीरे-धीरे खराब करने लगती है. ऐसे में भद्रासन एक प्रभावी योगासन है, जो पैरों और कमर को मजबूती देता है, बल्कि मन को शांत कर एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है.
भद्रासन क्या है?
यह तितली आसन का ही एक प्रकार माना जाता है, जो मानसिक स्थिरता और एकाग्रता के लिए उत्कृष्ट होता है. इस आसन को लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी. मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन मुख्य रूप से पेल्विक क्षेत्र, जांघों और कमर की मजबूती और लचीलापन बनाने में मदद करता है.
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भद्रासन करने की विधि
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भद्रासन करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर, पीठ व कमर सीधा रखते हुए बैठें.
इस आसन का अभ्यास करना बेहद आसान है. इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर, पीठ व कमर सीधा रखते हुए बैठें. इसके बाद दोनों हथेलियों को नितंब के पास जमीन पर रखें. अब दोनों पैरों के तलवे पास ले आएं. फिर श्वास भरते हुए पैरों के पंजे हाथों से पकड़ लें. इसके बाद श्वास भरते हुए एड़ियों को मूलधारा क्षेत्र के जितना संभव हो, नजदीक लाएं. इस अवस्था में 10 से 30 सेकेंड तक रुकें. फिर सामान्य रूप से श्वास लेते रहें.
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भद्रासन के फायदे
यह आसन करने में काफी आसान है लेकिन शुरुआत में इसके करने में बहुत ज्यादा जोर न लगाएं, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं. गठिया या घुटने के गंभीर दर्द से पीड़ित लोगों को इस आसन से बचना चाहिए. साथ ही, गर्भवती महिलाओं को यह आसन करने से पहले योगाचार्य से परामर्श लेना चाहिए.
यह आसन महिलाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है. योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसके नियमित अभ्यास से मासिक धर्म के दर्द और असहजता से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है. साथ ही, गर्भावस्था के दौरान भी विशेषज्ञों की देखरेख में यह लाभप्रद हो सकता है.
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कौन लोग भद्रासन से बचें
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गंभीर गठिया (अर्थराइटिस) या साइटिका के मरीजों को यह आसन नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं और घुटने या टखने में गंभीर दर्द की समस्या वाले लोगों को इसे करने से बचना चाहिए.