‘ये मोदी की सरकार है…’, नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' बयान पर भड़के अन्नू कपूर, बोले- लोकतंत्र के कारण ही आप बोल पा रहे हैं
न्नू कपूर ने नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर अपनी बात रखी है. उन्होंने प्रदर्शन और विरोध के अधिकार के साथ-साथ हिंसा और देश के हित से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय जाहिर की. नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नू कपूर ने कहा कि सीरुद्दीन शाह अच्छे डायलॉग बोलते होंगे, इसलिए उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.
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नसीरुद्दीन शाह का जबसे 'दिमागी नक्सल' वाला बयान सामने आया है, तभी से वो चर्चा बने हुए हैं, देश के प्रधानमंत्री और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बयान बाजी करने वाले नसीरुद्दीन इस वक्त हर किसी के निशाने पर आए हुए हैं. वो अपने 'दिमागी नक्सल' वाले बयान की वजह से आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए उन्होंने खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया था. उनके इस वीडियो के सामने आने के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री से भी रिएक्शन सामने आने लगे हैं.
‘मुझे तो ऐसे लोगों के बारे में संशय है, जो इस तरह के बयान देते हैं’
अब इन सब के बीच अन्नू कपूर ने नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर अपनी बात रखी है. उन्होंने प्रदर्शन और विरोध के अधिकार के साथ-साथ हिंसा और देश के हित से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय जाहिर की. नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नू कपूर ने कहा कि “तो उम्मीद रखते हैं कि पुलिस वालों के ऊपर पत्थर बरसाएं और पुलिस वाले कुछ नहीं करें. नसीरुद्दीन शाह अच्छे डायलॉग बोलते होंगे, इसलिए उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. देश के संदर्भ में, देश के हित में, देश के कल्याणकारी कितने विचार उनके मस्तिष्क में या उनके हृदय में हैं या नहीं हैं, मुझे तो ऐसे लोगों के बारे में संशय है, जो इस तरह के बयान देते हैं.”
‘ये मोदी की सरकार है, आतुरता के अंदर आपसे कुछ नहीं निकलेगा’
अन्नू कपूर ने आगे कहा कि “ये देश का सौभाग्य है कि यहां लोकतंत्र है. भले ही भारतीय लोकतंत्र अभी शुरुआती अवस्था में हो, लेकिन इसकी वजह से ही लोग अपनी बात रख पा रहे हैं दिमागी नक्सल हैं और आप ये प्रदर्शन कर रहे हैं और जो प्रदर्शन अब विरोध नहीं विद्रोह और अराजकता की तरफ आ रहा है तो उससे निपटने के लिए कोई भी सरकार होती है उसको निपटना चाहिए. और ये सरकार नरेंद्र मोदी की सरकार है. ये आतुरता के अंदर आपसे कुछ नहीं निकलेगा. ना आपका जो भी विचार है.”
‘जुल्म और अत्याचार सहने की भी एक सीमा होती है’
अन्नू कपूर यहीं नही रूके उन्होंने आगे कहा, “आपके जो भी इस तरह के सो कॉल्ड रिवॉल्यूशनरी थॉट्स हैं, उनका पूरा सम्मान किया जाएगा. जब तक कि आप भारत के हित, सुरक्षा और कल्याण का सम्मान करते हैं. जब तक आपके हृदय में मां भारती के लिए आदर है, आपके विचारों का सम्मान किया जाएगा. आपके विरोध का भी सम्मान किया जाएगा. परंतु जब ये विरोध अराजकता और हिंसा की तरफ बढ़ जाएगा, तो फिर मैं याद दिलाना चाहूंगा कि कुरुक्षेत्र की रणभूमि में कहा था. शिशुपाल के सामने भी कहा गया था. भारत की रणनीति तो वैसी ही होनी चाहिए. मैं राजनीति से जुड़े व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन जुल्म और अत्याचार सहने की भी एक सीमा होती है.”
नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर साधा था निशाना
यह मामला तब सामने आया जब नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए एक वीडियो शेयर किया. एक्टर ने बीजेपी और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की थी. उनका कहना है कि सरकार और उनके समर्थकों की ओर से उन जैसे आलोचकों को 'एंटी-नेशनल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे नाम दिए जाते हैं.नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में कैमरे के सामने बात करते हुए खुद को 'दिमागी नक्सली' बताया था.
‘देश में कोई 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' है, तो वह यह अवैध सरकार है’
'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी ने अगस्त में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान किया था.उन्होंने कहा था, "'दिमागी नक्सली' के अलावा, पता नहीं 'चौकीदार' ने मुझ जैसे लोगों को और क्या-क्या नाम दिए हैं, जैसे 'राष्ट्र-विरोधी', 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' वगैरह. अगर इस देश में कोई 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' है, तो वह यह अवैध सरकार है.”
शाह ने यह भी कहा था कि जो लोग बीजेपी की विचारधारा से सहमत नहीं हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनसे बदला लेने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने वर्तमान सरकार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
आखिर जामिया में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे विरोध प्रदर्शन का संबंध छात्र संघ चुनाव बहाल करने, चीफ प्रॉक्टर को हटाने और छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने जैसी मांगों से है.. प्रदर्शनकारी छात्रों और छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय में उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए.ऐसे में नसीरुद्दीन शाह का बयान इस मामले को लेकर चर्चा को और बढ़ा रहा है...जहां कुछ लोग उनके बेबाक अंदाज का समर्थन कर सकते हैं, वहीं उनके विचारों से असहमत लोग भी अपनी राय रख सकते हैं. फिलहाल, इस पूरे मामले में छात्रों की मांगें और विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख अहम बना हुआ है..
पहले भी भड़ास निकाल चुके हैं नसीरुद्दीन शाह
बताते चले की ये पहली बार नहीं है, जब नसीरुद्दीन शाह ने देश के प्रधानमंत्री और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ अपनी भड़ास निकाली हो, इससे पहले भी वो कई बार इस तरह की हरकत कर चुके हैं, कुछ दिनों पहले सीजेपी के प्रोटेस्ट में भी शामिल होकर उन्होंने सरकार की आलोचना की थी. हालांकि हर बार वो ट्रोलर्स के निशाने पर आ जाते हैं. खैर अब अन्नू कपूर ने उन्हें करारा जवाब दे दिया है.
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