कहां है शंगचूल महादेव शिव मंदिर, यहां मौजूद है धरती का छिपा हुआ स्वर्ग, छोटे से गांव में प्रकृति और आस्था का गहरा मेल
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (जीएचएनपी) की शांत और निर्मल गोद में बसा शानगढ़ एक ऐसी जगह है जहां समय रूक जाता है. दूर-दूर तक घास के विशाल हरे मैदान, देवदार के लंबे पेड़ और लकड़ियों से बने घर और मंदिर मन को मोह लेते हैं.
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गर्मियों के मौसम में अगर शांत, सुंदर और प्राकृतिक की गोद में बसे ठंडी जगह का अनुभव मिल जाए तो कैसा लगेगा? अगर आप दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों में रहते हैं, तो गर्मियों के मौसम में एक बार शानगढ़ जरूर जाएं. इस जगह पर न सिर्फ प्रकृति के सुंदर नजारों का मजा देखने को मिलेगा, बल्कि हरे घास के मैदानों के बीच प्राचीन इतिहास और आस्था को समेटे प्यारा सा शिव मंदिर भी देखने को मिलेगा.
कहां है शानगढ़?
हिमाचल बहुत बड़ा राज्य है और ज्यादातर घूमने की जगहों पर हर साल पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ती है, लेकिन कल्लू जिले में एक ऐसा अनोखा और अनछूआ गांव है जहां परंपरा और प्रकृति आज भी एक साथ चल रही हैं, और वह है शानगढ़.
क्यों इस जगह को धरती का स्वर्ग कहा जाता है?
इस जगह को धरती का स्वर्ग कहा जाता है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (जीएचएनपी) की शांत और निर्मल गोद में बसा शानगढ़ एक ऐसी जगह है जहां समय रूक जाता है. दूर-दूर तक घास के विशाल हरे मैदान, देवदार के लंबे पेड़ और लकड़ियों से बने घर और मंदिर मन को मोह लेते हैं. यह गांव आज भी आधुनिकता से दूर पुरानी पद्धति से अपना जीवन गुजार रहा है. यह प्लेस आपकी भागती हुई जिंदगी को ठहराव देगा. यहां होमस्टे की सुविधा मौजूद है और खाने में हिमाचल का पांरपरिक खाने का स्वाद भी भरपूर मिलेगा.
हर मौसम में अपना रंग बदलती है ये जगह
शानगढ़ एक ऐसी जगह है, जो हर मौसम में अपना रंग बदलती है. मार्च से अप्रैल महीने में जहां घास के मैदान चमकने लगते हैं और पौधे पर आए नए फूल और हल्की खिलती धूप स्वर्ग जैसा महसूस करती है. जून और जुलाई के महीने में भी यहां का तापमान अधिक नहीं बढ़ता. मौसम सुहावना होता है और लकड़ी से बने घरों में रहकर प्रकृति का लुफ्त उठाया जा सकता है.
सितंबर से नवंबर में नजारा बिल्कुल बदल जाता है. हल्की ठंड और सेब- अखरोट के बागानों से धरती और अधिक सुंदर लगने लगती है. हालांकि मानसून के मौसम में आने से बचें क्योंकि यहां लैडस्लाइट का खतरा बारिश में बढ़ जाता है.
शंगचूल महादेव शिव मंदिर
शानगढ़ गांव की पहचान है, यहां का शंगचूल महादेव शिव मंदिर. इस मंदिर की जड़ें महाभारत काल से जुड़ी हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, देवता कभी-कभी इन स्थानों पर विश्राम करने आते हैं. इस मंदिर के आस-पास कई छोटे-छोटे मंदिर भी बने हैं, जो लकड़ी से बने हैं, लेकिन गर्भगृह में प्रतिमाएं प्राचीन पत्थर से बनी हैं.
शानगढ़ गांव समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर की ऊंचाई पर बसा है
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हिमाचल प्रदेश की सैंज घाटी में स्थित, शानगढ़ गांव समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर की ऊंचाई पर बसा है. अगर आप मंडी की तरफ से आ रहे हैं, तो यहां तक पहुंचने के लिए 6 घंटे का सफर करना होगा, और अगर कुल्लू से शानगढ़ आते हैं, तो 3 घंटे में इस खूबसूरत और शांत जगह पर पहुंच जाएंगे.
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