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21 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

21 जून, रविवार को हर्षण योग नहीं है. वैदिक पंचांग के अनुसार 21 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है. इस दिन सिद्धि योग रहेगा. वज्र योग एक दिन पहले 20 जून 2026 को उपस्थित था.

21 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
Image Credits: AI generated
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है. यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है. 

21 जून 2026 का पंचांग

21 जून 2026 (रविवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है. इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर 3:20 बजे तक रहेगी. इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी.

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इस दिन सुबह 5:46 बजे सूर्योदय और शाम 19:11 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 11:55 बजे चन्द्रोदय और रात 12:15 बजे चन्द्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार 21 जून 2026 को अश्लेषा नक्षत्र नहीं रहेगा. इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होगा (जो सुबह 09:31 तक चलेगा और उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा).

वहीं, 21 जून, रविवार को हर्षण योग नहीं है. वैदिक पंचांग के अनुसार 21 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है. इस दिन सिद्धि योग रहेगा. वज्र योग एक दिन पहले 20 जून 2026 को उपस्थित था.

सुबह 11:29 से दोपहर 12:17 बजे तक अभिजित मुहूर्त 

अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजित मुहूर्त सुबह 11:29 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ माना जाता है. यह दिन के मध्य का सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या महत्वपूर्ण निर्णय लेना अत्यंत फलदायी होता है.

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वहीं, राहुकाल शाम 05:33 से 07:17 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 3:54 बजे से शाम 5:40 बजे तक और यमघण्टकाल सूर्योदय से लेकर सुबह 07:14 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इसको अशुभ समय माना जाता है.

पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचें

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वहीं, इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं. साथ ही, 21 जून 2026 (रविवार) को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक इन दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.

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