जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

हरतालिका तीज 2026: निर्जला व्रत क्यों रखती हैं महिलाएं, जानें पूजा का शुभ समय, क्या है इसकी मान्यता

हरतालिका तीज का व्रत काफी कठिन होता है. पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए महिलाएं रहती हैं, इसी वजह से इसको निर्जला व्रत कहा जाता है. पूरे दिन व्रत रहने के बाद महिलाएं शाम को भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करती हैं.

हरतालिका तीज 2026: निर्जला व्रत क्यों रखती हैं महिलाएं, जानें पूजा का शुभ समय, क्या है इसकी मान्यता
Image Credits: AI/IANS
Advertisement

सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं. इस दिन पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करती हैं. कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए व्रत रखती हैं. इस वर्ष हरतालिका तीज 14 सितंबर (सोमवार) को मनाई जाएगी. 

हरतालिका तीज को लेकर क्या मान्यता है                      

मान्यता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी. मां पार्वती की कठिन साधना की याद में इस व्रत की परंपरा चली आ रही है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मां पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में चाहती थीं. 

पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं

भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए उन्होंने कठिन तपस्या शुरु कर दी और शिव को प्रसन्न करने का संकल्प किया. उनकी कठिन तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हुए और उनको पत्नी के रूप में स्वीकार किया था. पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं.

Advertisement

हरतालिका तीज का व्रत काफी कठिन होता है

हरतालिका तीज का व्रत काफी कठिन होता है. पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए महिलाएं रहती हैं, इसी वजह से इसको निर्जला व्रत कहा जाता है. पूरे दिन व्रत रहने के बाद महिलाएं शाम को भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करती हैं. इस व्रत के दौरान रात में जागरण की परंपरा है. हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं और सोलह शृंगार करती हैं. इस दिन सोलह शृंगार का खास महत्व है. इसको पति-पत्नी के रिश्तों की गहराई के तौर पर देखा जाता है. पूजा के दौरान मां पार्वती को सोलह शृंगार का सामान अर्पित किया जाता है. कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं.

पूजा के लिए शुभ समय 

Advertisement

यह भी पढ़ें

14 सितंबर को सुबह 5:00 बजे से 7:06 बजे तक पूजा के लिए उत्तम समय रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:32 बजे से 5:19 बजे तक भी पूजा करना शुभ रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें