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17 अगस्त का पंचांग: सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग, जानें पूरे दिन का सबसे शुभ समय
सोमवार को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शाम 5:00 बजे तक है. इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी. इस दिन सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा.
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा
17 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शाम 5:00 बजे तक है. इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी. इस दिन सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा.
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नक्षत्र
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सोमवार को सुबह 6:07 बजे सूर्योदय और शाम 6:54 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 10:17 बजे चंद्रोदय और शाम 9:50 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में रहेगा.
अभिजित मुहूर्त
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सोमवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि अगले दिन सुबह 3:29 बजे तक शुभ योग रहेगा. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल रात 10:15 से 11:56 बजे तक रहेगा.
राहुकाल
वहीं, राहुकाल सुबह 7:43 बजे से 9:19 बजे और गुलिक काल दोपहर 2:06 से शाम 3:42 बजे तक रहेगा. इसके अलावा यमगंड काल सुबह 10:55 से 12:30 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
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इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए
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सोमवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेगा. पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.