Advertisement
Panchang 23 August 2026: पुत्रदा एकादशी आज, जानें पूजा का शुभ समय और राहुकाल
रविवार सुबह 6:09 बजे सूर्योदय और शाम 6:49 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, दोपहर 3:41 बजे चंद्रोदय और रात 2:21 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा शाम 5:44 बजे तक मूल नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
Advertisement
हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
23 अगस्त का पंचांग
23 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (पुत्रदा एकादशी) भोर में 2:00 बजे से अगले दिन तड़के 4:00 बजे तक है. इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी. पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को ही रखा जाएगा. मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी के दिन संतान प्राप्ति और संतान की सुख-समृद्धि के लिए भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इससे दंपति को फल की प्राप्ति होती है.
Advertisement
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
Advertisement
रविवार सुबह 6:09 बजे सूर्योदय और शाम 6:49 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, दोपहर 3:41 बजे चंद्रोदय और रात 2:21 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा शाम 5:44 बजे तक मूल नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
रविवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन सुबह 6:14 विष्कम्भ योग है; इसके बाद प्रीति योग प्रभावी हो जाएगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:54 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल सुबह 10:38 से 12:25 बजे तक रहेगा.
Advertisement
वहीं, राहुकाल सुबह 5:14 बजे से दोपहर 6:49 बजे और गुलिक काल दोपहर 3:39 से शाम 5:14 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल दोपहर 12:29 से 2:04 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
इस दिशा में यात्रा करने से बचे
यह भी पढ़ें
रविवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा. पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.