Advertisement
पेटीएम की कमाई में जोरदार उछाल, AI और डिजिटल पेमेंट ने बढ़ाई रफ्तार
Paytm: कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA दर्ज किया है. कंपनी का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मर्चेंट बिजनेस का विस्तार, ग्राहकों की बढ़ती संख्या और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बेहतर इस्तेमाल रहा
Advertisement
Paytm: देश की बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार कंपनी के प्रदर्शन ने निवेशकों और बाजार दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. कंपनी ने बताया कि उसके कारोबार में लगातार तेजी आई है और इसी वजह से उसकी कमाई और मुनाफे में भी शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है. खास बात यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA दर्ज किया है. कंपनी का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मर्चेंट बिजनेस का विस्तार, ग्राहकों की बढ़ती संख्या और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बेहतर इस्तेमाल रहा. AI की मदद से कंपनी अपने काम को पहले से ज्यादा तेज, सटीक और कम खर्च में कर पा रही है.
कमाई और मुनाफे दोनों में हुई शानदार बढ़ोतरी
पेटीएम की परिचालन आय (Operational Revenue) इस तिमाही में बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 28 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं कंपनी का EBITDA 203 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर लगभग 182 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है. इसके साथ ही EBITDA मार्जिन बढ़कर 8 प्रतिशत हो गया है.कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Profit After Tax) भी काफी मजबूत रहा. इस तिमाही में पेटीएम ने 220 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 79 प्रतिशत अधिक है. यह दिखाता है कि कंपनी केवल कारोबार ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि मुनाफा कमाने में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है.
Advertisement
मर्चेंट और डिजिटल पेमेंट कारोबार ने दिखाई ताकत
Advertisement
पेटीएम के मर्चेंट बिजनेस में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली. कंपनी के अनुसार, दुकानदारों और कारोबारियों के जरिए होने वाला कुल लेनदेन (GMV) बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 31 प्रतिशत ज्यादा है.
इसके अलावा कंपनी का नेट पेमेंट रेवेन्यू बढ़कर 601 करोड़ रुपये हो गया. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अब ज्यादा से ज्यादा व्यापारी पेटीएम के QR कोड, साउंडबॉक्स और अन्य पेमेंट डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. फिलहाल कंपनी के साथ जुड़े डिवाइस मर्चेंट्स की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ तक पहुंच गई है.
लोन और फाइनेंशियल सर्विसेज से भी बढ़ी कमाई
Advertisement
डिजिटल पेमेंट के साथ-साथ पेटीएम का फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. कंपनी ने बताया कि लोन, निवेश और दूसरी वित्तीय सेवाओं से होने वाली आय 814 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है.
कंपनी का कहना है कि छोटे कारोबारियों को दिए जा रहे लोन की मांग लगातार बढ़ रही है. इसके अलावा पर्सनल लोन, इक्विटी ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाओं से भी अच्छी कमाई हो रही है. खास बात यह है कि अब आधे से ज्यादा लोन ऐसे ग्राहकों को दिए जा रहे हैं, जिन्होंने पहले भी पेटीएम से लोन लिया था. इससे साफ है कि ग्राहक कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं.
UPI इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही
पेटीएम का UPI प्लेटफॉर्म भी लगातार मजबूत हो रहा है. कंपनी के मुताबिक, उसके मासिक सक्रिय UPI यूजर्स की संख्या बढ़कर 8 करोड़ हो गई है. वहीं UPI के जरिए होने वाला कुल लेनदेन (GTV) बढ़कर 5.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है.
कंपनी का दावा है कि उसकी UPI ग्रोथ पूरे उद्योग की औसत रफ्तार से भी काफी तेज रही है. इससे साफ है कि लोग डिजिटल पेमेंट के लिए पहले से ज्यादा पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं.
Advertisement
AI बना कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
पेटीएम का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब उसके कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है. AI की मदद से कंपनी अपने व्यापारियों और ग्राहकों को ज्यादा बेहतर और व्यक्तिगत सेवाएं दे रही है. इससे ग्राहकों का अनुभव बेहतर हुआ है, कारोबारियों की उत्पादकता बढ़ी है और कंपनी के खर्च में भी कमी आई है.
कंपनी ने यह भी बताया कि जून 2026 तक उसके पास 13,529 करोड़ रुपये की नकद राशि मौजूद है. इससे आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट्स, नई तकनीक और कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी.
आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद
Advertisement
पेटीएम का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज और AI आधारित तकनीकों की मांग और बढ़ेगी. कंपनी को भरोसा है कि मजबूत ग्राहक आधार, तेजी से बढ़ता मर्चेंट नेटवर्क और नई तकनीक के दम पर वह भविष्य में भी कमाई और मुनाफे दोनों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रहेगी.
यह भी पढ़ें
Input-IANS