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BMC में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, लेकिन सीएम फडणवीस उदास, आखिर किस बात का है उनको मलाल?

BMC results: बीएमसी में ऐतिहासिक जीत के बाद भी सीएम फडणवीस उदास हैं. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर फडणवीस को किस बात का मलाल है?

बीएमसी का चुनाव हुआ. चुनाव में महायुति ने भगवा परचम लहराया. बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी. लगभग 30 साल बाद बीएमसी में ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म हुआ. देश की आजादी के बाद पहली बार बीएमसी में बीजेपी अपना मेयर बनाने जा रही है. 2002 के बाद पहली बार बीएमसी चुनाव में किसी पार्टी को इतनी सीटें मिली हैं. बीजेपी के लिए ये बहुत बड़ी जीत है. इसके बावजूद बीजेपी चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर ख़ुश नहीं है. अब सवाल यही है कि आख़िर क्यों बीजेपी ख़ुश नहीं है? आख़िर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किस बात का मलाल है? 

बीएमसी नतीजों से बीजेपी क्यों नाखुश?

दरअसल, बीएमसी चुनाव में बीजेपी का लक्ष्य 110 सीटें जीतने का था, लेकिन 89 सीटें ही जीत पाई. ऐसे में 100 का आंकड़ा भी पार न करने पर पार्टी को गहरा झटका है. लक्ष्य के मुताबिक परिमाण न आने से ही पार्टी नाखुश है, और आंतरिक समीक्षा का आदेश दिया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहां चूक हुई है. 

155 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की थी योजना

बीएमसी चुनाव में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना से गठबंधन के पहले बीजेपी ने 155 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी और 120-125 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा था. लेकिन शिंदे की शिवसेना और बीजेपी में गठबंधन होने के बाद बीजेपी के हिस्से में 137 सीटें ही आईं, जिसके बाद बीजेपी ने 110 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा था. 

आखिर कहां हुई चूक?

बीजेपी द्वारा लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होने पर पार्टी के अंदर समीक्षा तो हो ही रही है. इसके अलावा राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी के नेताओं में सामंजस्य की कमी और उम्मीदवारों के चयन में खामियों का सीटों पर काफी असर पड़ा है. इसके अलावा ठाकरे ब्रदर्स ने मराठी अस्मिता और भाषा का मुद्दा उठाया था, जिसका तोड़ बीजेपी नहीं निकाल सकी. 

फडणवीस ने जताई नाराजगी

लक्ष्य को पूरा न कर पाने की वजह से राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी ज़ाहिर की है. समीक्षकों का मानना है कि शिवाजी पार्क में हुई ठाकरे बंधुओं की रैली का मतदाताओं पर काफी प्रभाव पड़ा. ठाकरे ब्रदर्स ने मुंबई और मराठी अस्मिता के मुद्दे को खूब भूनाया, जिससे बीजेपी के वोट शेयर में भारी कमी आई है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कहा कि, ‘हमने (गठबंधन) 119 सीटें जीती हैं. वहीं, बीजेपी 14 सीटों पर 7-100 वोटों के मामूली अंतर से हारी है. वहीं, पिछले तीन चुनावों में शिवसेना इस आंकड़े को छू तक नहीं सकी है.’

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