बारिश में कार फिसलने से बचानी है? पहले चुनें सही Drive Mode, फिर करें सफर
Monsoon Drive Mode: बारिश की वजह से सड़कें गीली हो जाती हैं, कई जगह पानी भर जाता है और टायरों की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रहती. ऐसे में अगर थोड़ी भी लापरवाही हो जाए या कार को गलत तरीके से चलाया जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है.
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Monsoon Drive Mode: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवा, हरियाली और सुहाना माहौल लेकर आता है. ऐसे मौसम में कार चलाने का अपना अलग ही मजा होता है. लेकिन यही मौसम सड़क पर सबसे ज्यादा सावधानी भी मांगता है. बारिश की वजह से सड़कें गीली हो जाती हैं, कई जगह पानी भर जाता है और टायरों की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रहती. ऐसे में अगर थोड़ी भी लापरवाही हो जाए या कार को गलत तरीके से चलाया जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है. आज की ज्यादातर कारों में अलग-अलग ड्राइव मोड दिए जाते हैं, लेकिन हर मोड हर मौसम के लिए सही नहीं होता. इसलिए बारिश में यह जानना जरूरी है कि कौन-सा ड्राइव मोड आपकी सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर रहेगा..
बारिश में भूलकर भी स्पोर्ट मोड का इस्तेमाल न करें
अगर आपकी कार में स्पोर्ट मोड है, तो बारिश के दौरान इसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. स्पोर्ट मोड का काम कार को ज्यादा तेज और ज्यादा पावरफुल बनाना होता है. इसमें एक्सीलेटर दबाते ही इंजन की ताकत तेजी से पहियों तक पहुंचती है, जिससे कार तेजी से रफ्तार पकड़ लेती है. सूखी सड़क पर यह मोड अच्छा अनुभव देता है, लेकिन बारिश में यही तेज पावर नुकसान पहुंचा सकती है. गीली सड़क पर टायरों की पकड़ पहले से कमजोर होती है और अचानक ज्यादा टॉर्क मिलने से कार फिसल सकती है. ऐसे में ड्राइवर का संतुलन बिगड़ सकता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.
बारिश में क्यों सबसे बेहतर माना जाता है इको मोड?
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आपकी कार में इको मोड दिया गया है, तो तेज बारिश के दौरान यही सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है. हालांकि इसे मुख्य रूप से बेहतर माइलेज के लिए बनाया गया है, लेकिन बारिश में यह आपकी ड्राइव को ज्यादा सुरक्षित भी बना देता है. इको मोड में इंजन धीरे-धीरे और स्मूथ तरीके से पावर देता है। इससे कार अचानक तेज नहीं भागती और पहियों की सड़क पर पकड़ बनी रहती है. अगर सड़क पर कीचड़ हो या हल्का पानी जमा हो, तब भी कार के फिसलने की संभावना काफी कम हो जाती है. इसलिए बरसात में आराम से और सुरक्षित सफर के लिए इको मोड काफी मददगार साबित हो सकता है.
इको मोड नहीं है तो नॉर्मल मोड भी है अच्छा विकल्प
अगर आपकी कार में इको मोड नहीं दिया गया है, या आप ऐसी सड़क पर चल रहे हैं जहां बारिश बहुत हल्की है, तो नॉर्मल मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह मोड कार की पावर और कंट्रोल के बीच संतुलन बनाए रखता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आप तेज रफ्तार से गाड़ी चलाएं. अगर सड़क पर पानी भरा हुआ है या फिसलन ज्यादा है, तो नॉर्मल मोड में भी धीरे और संभलकर ड्राइव करना सबसे जरूरी है. बारिश में सुरक्षित रहने के लिए स्पीड हमेशा कम रखें और अचानक ब्रेक या तेज एक्सीलेरेशन से बचें.
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अगर कार में रेन या वेट मोड है, तो वही चुनें
आजकल कई नई और प्रीमियम कारों में रेन मोड या वेट मोड जैसी खास सुविधा भी दी जाती है. यह मोड खासतौर पर बारिश और फिसलन वाली सड़क को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें कार का सिस्टम खुद इंजन की पावर, एक्सीलेरेशन और पहियों की पकड़ को कंट्रोल करता है, ताकि गाड़ी फिसले नहीं और ड्राइवर का नियंत्रण बना रहे. अगर आपकी कार में यह फीचर मौजूद है, तो बारिश के समय इसी मोड का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है.
सुरक्षित सफर के लिए रखें इन बातों का भी ध्यान
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ड्राइव मोड सही चुनना जरूरी है, लेकिन इसके साथ कुछ छोटी-छोटी सावधानियां भी आपकी सुरक्षा बढ़ा सकती हैं. बारिश में हमेशा तय सीमा से कम रफ्तार रखें, आगे चल रही गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, अचानक ब्रेक लगाने से बचें और अगर सड़क पर बहुत ज्यादा पानी भरा हो तो वहां से गुजरने से पहले स्थिति को अच्छी तरह समझ लें. थोड़ी-सी सावधानी आपकी यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बना सकती है.