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चलती ई-रिक्शा को एक क्लिक में रोक देता था ऐप! सरकार ने तुरंत लिया बड़ा एक्शन

BAT BMS: सरकार ने गूगल और एप्पल को निर्देश दिया है कि 'बीएटी बीएमएस' (BAT BMS) नाम के ऐप को अपने-अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाया जाए. यह फैसला तब लिया गया जब सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि इस ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को कुछ ही सेकंड में दूर से बंद किया जा सकता है.

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03 Jul 2026
( Updated: 03 Jul 2026
02:50 PM )
चलती ई-रिक्शा को एक क्लिक में रोक देता था ऐप! सरकार ने तुरंत लिया बड़ा एक्शन
Image Source: Canva
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BAT BMS: केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने गूगल और एप्पल को निर्देश दिया है कि 'बीएटी बीएमएस' (BAT BMS) नाम के ऐप को अपने-अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाया जाए. यह फैसला तब लिया गया जब सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि इस ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को कुछ ही सेकंड में दूर से बंद किया जा सकता है. इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में इंटरनेट पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें कुछ लोग अपने मोबाइल फोन से ब्लूटूथ के जरिए पास से गुजर रहे ई-रिक्शा को अचानक रोकते हुए दिखाई दिए. बताया गया कि इसके लिए 'बीएटी बीएमएस' ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था. अगर कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के करीब पहुंच जाता था, तो वह बिना चालक की जानकारी के बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होकर गाड़ी की बिजली सप्लाई बंद कर देता था. चलते वाहन का अचानक रुक जाना चालक और यात्रियों दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

दरअसल, आजकल कई ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगाया जाता है. इसका काम बैटरी की स्थिति पर नजर रखना होता है. इसी के जरिए चालक बैटरी का चार्ज, तापमान, वोल्टेज और दूसरी जरूरी जानकारी अपने मोबाइल फोन पर देख सकता है.
लेकिन समस्या वहां शुरू हुई, जहां कम कीमत वाले कई ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले कुछ बीएमएस सिस्टम में ब्लूटूथ सुरक्षा बेहद कमजोर पाई गई. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कर पास मौजूद ई-रिक्शा के बीएमएस से जुड़ सकता था.

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10 से 15 मीटर की दूरी से रुक सकता था ई-रिक्शा

जानकारी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति इस ऐप के साथ ई-रिक्शा से करीब 10 से 15 मीटर की दूरी पर होता था, तो कई मामलों में वह ब्लूटूथ के जरिए बैटरी सिस्टम से कनेक्ट हो सकता था. इसके बाद बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर मोटर तक बिजली पहुंचना रोक दी जाती थी. नतीजा यह होता था कि ई-रिक्शा अचानक चलना बंद कर देता था.

सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने उठाया कदम

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सूत्रों के अनुसार, इसी संभावित खतरे और ऐप के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से 'बीएटी बीएमएस' ऐप हटाने के निर्देश दिए हैं. सरकार का मानना है कि इस तरह के ऐप अगर खुले तौर पर उपलब्ध रहे, तो उनका दुरुपयोग सड़क पर चल रहे वाहनों को रोकने या लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के लिए किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें

सरकार का यह कदम ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. साथ ही, यह भी संकेत है कि भविष्य में ऐसे डिजिटल टूल्स और तकनीकों की सुरक्षा व्यवस्था पर और अधिक सख्ती से निगरानी की जा सकती है.

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BAT BMS Rickshaw BMS e-rickshaw BAT BMS केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने गूगल और एप्पल को निर्देश दिया है कि 'बीएटी बीएमएस' (BAT BMS) नाम के ऐप को अपने-अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाया जाए. यह फैसला तब लिया गया जब सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें दावा किया गया कि इस ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को कुछ ही सेकंड में दूर से बंद किया जा सकता है. इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता हाल के दिनों में इंटरनेट पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए जिनमें कुछ लोग अपने मोबाइल फोन से ब्लूटूथ के जरिए पास से गुजर रहे ई-रिक्शा को अचानक रोकते हुए दिखाई दिए. बताया गया कि इसके लिए 'बीएटी बीएमएस' ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था. अगर कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के करीब पहुंच जाता था तो वह बिना चालक की जानकारी के बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होकर गाड़ी की बिजली सप्लाई बंद कर देता था. चलते वाहन का अचानक रुक जाना चालक और यात्रियों दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. कैसे काम करता है यह सिस्टम? दरअसल आजकल कई ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगाया जाता है. इसका काम बैटरी की स्थिति पर नजर रखना होता है. इसी के जरिए चालक बैटरी का चार्ज तापमान वोल्टेज और दूसरी जरूरी जानकारी अपने मोबाइल फोन पर देख सकता है. लेकिन समस्या वहां शुरू हुई जहां कम कीमत वाले कई ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले कुछ बीएमएस सिस्टम में ब्लूटूथ सुरक्षा बेहद कमजोर पाई गई. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कर पास मौजूद ई-रिक्शा के बीएमएस से जुड़ सकता था. 10 से 15 मीटर की दूरी से रुक सकता था ई-रिक्शा जानकारी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इस ऐप के साथ ई-रिक्शा से करीब 10 से 15 मीटर की दूरी पर होता था तो कई मामलों में वह ब्लूटूथ के जरिए बैटरी सिस्टम से कनेक्ट हो सकता था। इसके बाद बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर मोटर तक बिजली पहुंचना रोक दी जाती थी. नतीजा यह होता था कि ई-रिक्शा अचानक चलना बंद कर देता था. सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने उठाया कदम सूत्रों के अनुसार इसी संभावित खतरे और ऐप के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से 'बीएटी बीएमएस' ऐप हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह के ऐप अगर खुले तौर पर उपलब्ध रहे तो उनका दुरुपयोग सड़क पर चल रहे वाहनों को रोकने या लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के लिए किया जा सकता है. सरकार का यह कदम ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. साथ ही यह भी संकेत है कि भविष्य में ऐसे डिजिटल टूल्स और तकनीकों की सुरक्षा व्यवस्था पर और अधिक सख्ती से निगरानी की जा सकती है.
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