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ईरान से जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की Doomsday ‘मिनटमैन-3’ मिसाइल, क्या फिर मचेगी हिरोशिमा जैसी भीषण तबाही?

मिडिल ईस्ट में संघर्ष चरम पर है. इजरायल-अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी है. इस बीच US ने अपनी सबसे घातक मिसाइल मिनटमैन-3 का परीक्षण किया है. जो ईरान के लिए ‘कयामत’ का दिन ला सकती है.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
01:25 PM )
ईरान से जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की Doomsday ‘मिनटमैन-3’ मिसाइल, क्या फिर मचेगी हिरोशिमा जैसी भीषण तबाही?

US Tests Nuclear Doomsday Missile: मिडिल ईस्ट में जंग की ज्वाला भड़काने वाला अमेरिका अब इस तनाव को चरम पर पहुंचाने की तैयारी कर रहा है. ईरान पर हमलों के बीच अमेरिका ने डूम्स्डे बैलेस्टिक मिसाइल की टेस्टिंग की है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के तट पर मिसाइल परीक्षण किया है. 

अमेरिका ने न्यूक्लियर मिसाइल 'मिनटमैन 3’ का टेस्ट किया है. ईरान पर होती बमबारी के बीच ये टेंशन बढ़ाने वाली खबर है. मिनटमैन 3 अमेरिका की खतरनाक हाइपरसोनिक मिसाइल है. जिसे हिरोशिमा में गिराए गए परमाणु बम से भी ज्यादा ताकतवर और खतरनाक माना जा रहा है. 

ईरान पर हमलों के बीच टेस्टिंस से टेंशन 

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया कि सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात करीब 11 बजे 'मिनटमैन 3’ बैलिस्टिक मिसाइल' का परीक्षण किया गया था. टेस्टिंग में ये हथियार पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टार्गेट पर जाकर गिरा. जिसे सफल माना जा रहा है. US ने ये टेस्टिंग ऐसे समय में की है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमलों को तेज करने की कसम खा चुके हैं. 

मिसाइल टेस्टिंग पर अमेरिका ने क्या कहा?

रिपोर्ट्स में एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के हवाले से बताया गया है कि ये टेस्टिंग कई साल पहले से निर्धारित थी. परीक्षण-प्रक्षेपण नियमित था, 'मिनटमैन 3 मिसाइल' अमेरिका के परमाणु त्रिकोण का एक हिस्सा है. जिसमें जमीन, समुद्र और हवा से दुनिया को नष्ट करने वाले हथियार लॉन्च करने की क्षमता शामिल है. 

576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी व्रे ने एक प्रेस रिलीज में कहा, ‘इससे हमें मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग घटकों के प्रदर्शन का आकलन करने की अनुमति मिली थी.’ ये पांच महीने के अंदर मिनटमैन-3 का दूसरा परीक्षण है, जो कि सफल रहा. 

डूम्स्डे मिसाइल के परीक्षण से क्यों डरना चाहिए? 

वैसे तो अमेरिकी सेना का दावा है कि मिनटमैन-3 का परीक्षण पहले से तय था, इसका ईरान की जंग से कोई लेना-देना नहीं लेकिन जानकार इसकी टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं. क्या अमेरिका का मकसद ईरान को डराना है? या फिर सीधे चेतावनी है? 

दरअसल, ‘मिनटमैन 3’ को Doomsday Missile कहा जाता है. जिसका मतलब है ‘कयामत के दिन’ की मिसाइल. यह दुनिया की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण परमाणु-सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) में से एक है. जिसका इस्तेमाल 1970 से हो रहा है. यह जमीन से लॉन्च होती है और 13 हजार किलोमीटर दूर तक वार कर सकती है. यानी यह अमेरिका से रूस, चीन या दुनिया के लगभग किसी भी हिस्से तक पहुंच सकती है. 

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इसके एक वारहेड की क्षमता 300-335 किलोटन TNT के बराबर होती है, जो हिरोशिमा बम से 20 गुना तक शक्तिशाली हो सकती है. यह परमाणु युद्ध में बड़े पैमाने पर विनाश (massive destruction) का हथियार है. अगर परमाणु हमला होता है, तो यह दूसरी स्ट्राइक (second strike) या जवाबी हमले के लिए तैयार रहती है, जो दुश्मन को पूरी तरह तबाह कर सकती है. 

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