पाकिस्तान में नहीं बनी बात, ट्रंप ने लगाया PM मोदी को फोन, हॉर्मुज ब्लॉकेड पर भारत ने बता दिया अपना स्टैंड!
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका को एक बार फिर भारत की याद आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया और विभिन्न मुद्दों पर बात की है.
Follow Us:
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कॉल किया. पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी.
प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया फोन
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया. हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की. हम सभी क्षेत्रों में अपनी 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया.”
Received a call from my friend President Donald Trump. We reviewed the substantial progress achieved in our bilateral cooperation in various sectors. We are committed to further strengthening our Comprehensive Global Strategic Partnership in all areas. We also discussed the…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
इससे पहले कब हुई थी मोदी-ट्रंप की बात
अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच ये पहली बातचीत है. वहीं, ये बीस दिन में दूसरी बार बातचीत हुई है. इससे पहले 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी. उस बातचीत में भी दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो.
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकाबंदी की बात कही थी
बता दें, कि हाल ही में ईरान-यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति को लेकर की चर्चा बेनतीजा रही. इसके बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकाबंदी की बात कही. होर्मुज पर ईरान की दावेदारी और अमेरिकी की कथित नाकेबंदी के बीच दुनिया इस मुद्दे को लेकर गंभीर है. मंगलवार को ही फ्रांस-यूके ने जल्द ऑनलाइन बैठक का आयोजन करने की घोषणा की. इस बैठक में होर्मुज का रास्ता सुगम बनाने को लेकर मंत्रणा होगी.
वर्चुअल बैठक में किसपर चर्चा हुई थी
वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की हुई बैठक का अगला चरण मानी जा रही है. उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं.
आने वाले दिनों में हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं
वाशिंगटन से लौटने के बाद अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यह भी संकेत दिए कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड और द्विपक्षीय मुद्दों पर जल्द ही कुछ अहम घोषणाएं हो सकती हैं. हालांकि उन्होंने इन मुद्दों का खुलासा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इतना जरूर कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इससे जुड़ी खबरें सामने आ सकती हैं.
मोदी और ट्रंप की हुई बातचीत को लेकर दी बड़ी जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई करीब 40 मिनट की बातचीत को लेकर भी गोर ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत आ सकते हैं. यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
तेल-गैस और होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा
ईरान को लेकर गोर ने कहा कि तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के पीछे मुख्य कारण क्षेत्र में बना तनाव है. उनका कहना था कि एक देश इस पूरे इलाके को बंधक बनाए हुए है, जिसकी वजह से वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से सुचारू रूप से चालू करना चाहता है, ताकि भारत सहित पूरी दुनिया को राहत मिल सके.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द खोलना हमारी प्राथमिकता
इस्लामाबाद में हुई बातचीत के विफल रहने के बाद अब नई वार्ता की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि गोर ने भविष्य की किसी भी बातचीत को लेकर सीधा जवाब देने से परहेज किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की घोषणाएं करना उनका काम नहीं है. गोर ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द खोलना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बंद रहने से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है. उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी एक देश को दुनिया के किसी हिस्से की अर्थव्यवस्था को रोकने का अधिकार नहीं होना चाहिए.
यह भी पढ़ें
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें