सीजफायर के बाद फिर भड़का ईरान, बोला- 3 बड़ी शर्तों का हुआ उल्लंघन, जानें वो 10 बातें जिन पर हुई थी डील
7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 10 बिंदुओं पर आधारित दो हफ्ते के लिए संघर्ष विराम (Ceasefire) का समझौता हुआ, लेकिन ईरान ने अमेरिका पर इनमें से तीन शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
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अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर को लेकर सहमति बनी है. दोनों पक्ष सीजफायर करने के लिए 10 बिंदुओं पर राजी हुए. इस बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि तीन प्वाइंट का उल्लंघन हुआ है. आइए जानते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच किन 10 बिंदुओं पर सहमति बनी.
ईरान ने सीजफायर के उल्लंघन का लगाया आरोप
सीएनबीसी (CNBC) न्यूज के अनुसार, ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बुधवार को अमेरिका पर दो हफ्ते के सीजफायर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया. गालिबफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, "अमेरिका पर हमारा जो गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है, वह उसके सभी तरह के कमिटमेंट्स के बार-बार उल्लंघन से पैदा हुआ है. अफसोस की बात है कि अमेरिका के इस पैटर्न को एक बार फिर दोहराया गया है”.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 8, 2026
ईरान के संसदीय अध्यक्ष बाघेर गालिबफ ने क्या कहा?
गालिबफ ने कहा कि ईरान के 10-पॉइंट सीजफायर प्रस्ताव के तीन हिस्सों का उल्लंघन किया गया है. उल्लंघन में इजरायल का लेबनान पर लगातार हमले, ईरानी एयरस्पेस में एक ड्रोन का घुसना और इस्लामिक रिपब्लिक के यूरेनियम को संवर्धन करने के अधिकार को मना करना शामिल है.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 9, 2026
किन 10 बिंदुओं पर बनी बात?
ईरान और अमेरिका के बीच इन 10 प्वाइंट पर बनी बात-
- दोनों पक्षों द्वारा गैर-आक्रामकता की गारंटी और ईरान के यूरेनियम संवर्धन को स्वीकार करना.
- ईरान की सेना के साथ तालमेल बैठाकर होर्मुज स्ट्रेट से नियंत्रित मार्ग.
- लेबनान में हिज्बुल्लाह समूह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना.
- इलाके के सभी बेस और डिप्लॉयमेंट पॉइंट से अमेरिकी सुरक्षा बल को हटाना.
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना.
- होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित ट्रांजिट प्रोटोकॉल बनाना, जो तय शर्तों के तहत ईरानी दबदबे की गारंटी दे.
- संघर्ष के दौरान अनुमान के मुताबिक ईरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई.
- ईरान के खिलाफ सभी मुख्य और दूसरे बैन हटाना.
- विदेश में सभी ब्लॉक ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना.
- इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक बाइंडिंग प्रस्ताव के जरिए मंजूरी देना, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आ जाएं.
अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा ईरानी डेलीगेशन
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ईरान का डेलीगेशन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए गुरुवार रात इस्लामाबाद पहुंचेगा. पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “पीएम शहबाज शरीफ की बुलाई गई डिप्लोमैटिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायली सरकार द्वारा बार-बार सीजफायर तोड़ने की वजह से ईरानी जनता की राय पर शक के बावजूद, ईरान के सुझाए गए 10 पॉइंट्स पर आधारित गंभीर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है”.
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