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होर्मुज में अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक हार! मित्र देशों ने छोड़ा साथ, अकेले पड़ गए ट्रंप?

अमेरिका ने चीन और अन्य देशों से अपील की है कि वे Strait Of Hormuz में अपने नौसैनिक जहाज तैनात करें. इस पर चीन और ब्रिटेन ने कोई भी स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं, जापान भी अपने युद्धपोत भेजने के मूड में नहीं दिख रहा है.

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15 Mar 2026
( Updated: 15 Mar 2026
07:15 PM )
होर्मुज में अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक हार! मित्र देशों ने छोड़ा साथ, अकेले पड़ गए ट्रंप?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष दिन-प्रतिदिन विकराल होता जा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) अमेरिका के लिए सिरदर्द बना हुआ है, क्योंकि ईरान ने इस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है और अमेरिका तथा इजरायल के किसी भी जहाज को इस मार्ग से नहीं गुजरने की धमकी दी है. 

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि यूएस होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत उतारने की तैयारी कर रहा है. साथ ही, ट्रंप ने दूसरे देशों से सहयोग मांगा है, लेकिन कोई भी उनके साथ जाने को तैयार नहीं है. अब ऐसा लग रहा है कि इस मुद्दे पर ट्रंप अकेले पड़ गए हैं, क्योंकि अब मित्र देशों ने भी ट्रंप का साथ देने से खुद को किनारा कर लिया है. 

‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के मुद्दे पर अकेले पड़े ट्रंप!

चीन और ब्रिटेन, दोनों ही देशों में से किसी ने भी पुष्टि नहीं की कि वे स्ट्रेट में वॉरशिप भेज रहे हैं या नहीं. वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया को यह नहीं बताया कि देश इस इलाके में नेवल एसेट्स तैनात करने का प्लान बना रहा है या नहीं.

चीन ने क्या कहा?

चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि चीन दुश्मनी को तुरंत रोकने की मांग करता है, और सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे स्थिर और बिना रुकावट एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करें. बयान के आखिर में कहा गया, “मिडिल ईस्ट के देशों के एक सच्चे दोस्त और रणनीतिक साझेदार के तौर पर, चीन लड़ाई में शामिल पार्टियों समेत संबंधित पार्टियों के साथ बातचीत को मजबूत करता रहेगा और तनाव कम करने और शांति बहाल करने में एक रचनात्मक भूमिका निभाएगा”.

ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर क्या कहा?

इसी तरह, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यूके अभी अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ इस इलाके में शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्पों पर बात कर रहा है. बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "कई देश, खासकर वे जो ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हैं, स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर वॉरशिप भेजेंगे. हमने पहले ही ईरान की 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है, लेकिन उनके लिए इस वॉटरवे पर या इसमें कहीं भी एक-दो ड्रोन भेजना, माइन गिराना, या क्लोज रेंज मिसाइल गिराना आसान है, चाहे वे कितने भी बुरी तरह हार गए हों”.

जापान ने भी दिया जवाब

जापान ने साफ संकेत दिया है कि वह अभी होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने युद्धपोत भेजने के सवाल पर बहुत संभलकर चलना चाहता है. जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति प्रमुख तकायुकी कोबायाशी ने कहा कि कानूनी तौर पर संभावना से इनकार नहीं, लेकिन मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति में ऐसा फैसला लेना आसान नहीं होगा.

ट्रंप ने किन देशों का लिया नाम?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया, ब्रिटेन और दूसरे देश, जो इस बनावटी रुकावट से प्रभावित हैं, इस इलाके में शिप भेजेंगे ताकि होर्मुज स्ट्रेट को अब एक ऐसे देश से खतरा न रहे जिसका सिर पूरी तरह से खत्म हो चुका है. किसी न किसी तरह, हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और फ्री कर देंगे”.

ईरान की योजना पूरे मध्य पूर्व पर कब्जा- ट्रंप

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इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बड़ा दावा किया है. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की योजना पूरे मध्य पूर्व पर कब्जा करने और इजरायल को पूरी तरह से नष्ट करने की थी. ईरान की ही तरह उसकी वो योजनाएं भी अब खत्म हो चुकी हैं.

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