LPG संकट के बीच क्या PNG गैस भी हो रही है खत्म? जानिए पाइपलाइन वाली गैस कहां से आती है
LPG Crisis: आजकल खबरों में सिर्फ बार - बार गैस सप्लाई की बात हो रही हैं, और इसका कारण सिर्फ भारत के अंदर स्थिति नहीं बल्कि दुनियाभर में चल रहा तनाव भी हैं. ऐसे में जब बाहर से सप्लाई धीमी पड़ती है, तो यहां सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित होती है
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PNG Gas Pipeline Update: LPG संकट के बीच आजकल खबरों में सिर्फ बार - बार गैस सप्लाई की बात हो रही हैं, और इसका कारण सिर्फ भारत के अंदर स्थिति नहीं बल्कि दुनियाभर में चल रहा तनाव भी हैं. खासकर खाड़ी क्षेत्र में हालात ख़राब होने से समुद्री रास्तों पर असर पड़ा हैं. एक बहुत अहम रास्ता Strait of Hormuz, जहां दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत गैस सप्लाई गुजरती हैं. अगर वहां रूकावट आती हैं तो उसका असर सीधा भारत जैसे देशों पर पड़ता है. भारत अपनी जरूरत का काफी बड़ा हिस्सा बहार से मंगवाता है.
ऐसे में जब बाहर से सप्लाई धीमी पड़ती है, तो यहां सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित होती है. यही वजह ही कि अब लोगों का ध्यान धीरे - धीरे LPG से हटकर PNG की तरफ जा रहा है.
PNG क्या है और ये आपके घर तक कैसे पहुंचती है?
PNG यानी पाइप से आने वाली गैस. ये वही गैस है जो जमीन के अंदर से निकलती है, जिसे प्राकृतिक गैस कहते हैं. इसका मुख्य हिस्सा मीथेन होता है.
ये गैस भारत के अलग-अलग हिस्सों और समुद्र के नीचे मौजूद भंडारों से निकाली जाती है. लेकिन सिर्फ घरेलू उत्पादन से काम नहीं चलता, इसलिए बाकी गैस बाहर से भी लाई जाती है, जैसे अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से. फिर इस गैस को बड़े पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए शहरों तक और वहां से सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है. यानी आपको सिलेंडर बुक करने या खत्म होने की चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ती, गैस लगातार मिलती रहती है.
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क्या PNG भी कभी खत्म हो सकती है?
PNG भी एक प्राकृतिक संसाधन है, जो जमीन के नीचे सीमित मात्रा में मौजूद है. अगर सालों-साल इसका इस्तेमाल होता रहेगा और नए स्रोत नहीं मिलेंगे, तो एक दिन ये भी कम हो सकती है. लेकिन फर्क ये है कि PNG की सप्लाई कई स्रोतों से आती है, देश के अंदर से भी और बाहर से भी. इसलिए इसका सिस्टम LPG से थोड़ा ज्यादा मजबूत और संतुलित माना जाता है.
सरकार क्यों दे रही है PNG पर जोर?
अभी जो हालात बने हैं, उन्हें देखते हुए सरकार चाहती है कि जहां PNG उपलब्ध है, वहां लोग धीरे-धीरे LPG छोड़कर PNG अपनाएं. कुछ जगहों पर तो ये भी कहा गया है कि आने वाले समय में वहां LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है. इसके पीछे सोच सीधी है, PNG ज्यादा भरोसेमंद है और इसमें सप्लाई रुकने का खतरा कम होता है.
PNG vs LPG: आम आदमी के लिए क्या बेहतर?
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अगर रोजमर्रा की जिंदगी के हिसाब से देखें, तो PNG कई मामलों में आसान और सुकून देने वाला विकल्प लगता है. ये 24 घंटे मिलती है. आपको ये डर नहीं रहता कि खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो जाएगी. वहीं ये हवा से हल्की होती है, तो अगर कभी लीकेज हो भी जाए, तो जल्दी ऊपर उड़ जाती है, जिससे खतरा कम होता है।इसके साथ ही सबसे अच्छी बात यह है की आप जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उतना ही बिल आता है.
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