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UP में खत्म हो सकता है बिजली रोस्टर, गांव-कस्बों को मिल सकती है 24 घंटे सप्लाई

UP: अगर उत्तर प्रदेश में लागू बिजली का रोस्टर सिस्टम खत्म कर दिया जाए और सभी जगह 24 घंटे बिजली दी जाए, तो यह राज्य बिजली खपत के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर पहले नंबर पर पहुंच सकता है.

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06 Mar 2026
( Updated: 06 Mar 2026
04:46 PM )
UP में खत्म हो सकता है बिजली रोस्टर, गांव-कस्बों को मिल सकती है 24 घंटे सप्लाई
Image Source: Social Media

CM Yogi: इस समय बिजली खपत और आपूर्ति के मामले में Uttar Pradesh देश के बड़े राज्यों में शामिल है. आंकड़ों के अनुसार राज्य करीब 1.65 लाख मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली खपत के साथ देश में दूसरे स्थान पर है. फिलहाल इस मामले में पहला स्थान Maharashtra के पास है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उत्तर प्रदेश में लागू बिजली का रोस्टर सिस्टम खत्म कर दिया जाए और सभी जगह 24 घंटे बिजली दी जाए, तो यह राज्य बिजली खपत के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर पहले नंबर पर पहुंच सकता है.

अलग-अलग जगहों पर अलग समय की बिजली आपूर्ति

फिलहाल उत्तर प्रदेश में हर जगह 24 घंटे बिजली नहीं मिलती. सरकार ने अलग-अलग इलाकों के लिए अलग समय तय किया हुआ है। राज्य के बड़े शहरों, महानगरों, मंडल और जिला मुख्यालयों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है ताकि कारोबार और जरूरी सेवाओं पर असर न पड़े.
लेकिन गांवों में अभी भी पूरे दिन बिजली नहीं मिलती. वहां लगभग 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। इसी तरह बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 20 घंटे बिजली दी जाती है, जबकि तहसील और नगर पंचायत वाले कस्बों में लगभग 21.30 घंटे बिजली की व्यवस्था है। इस व्यवस्था को ही बिजली रोस्टर कहा जाता है, जिसमें तय समय के हिसाब से बिजली दी जाती है.

उपभोक्ता परिषद ने उठाई रोस्टर खत्म करने की मांग

Uttar Pradesh State Electricity Consumers Council ने प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था खत्म करने की मांग उठाई है परिषद का कहना है कि उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 के अनुसार देश के ज्यादातर राज्यों में रोस्टर व्यवस्था खत्म हो चुकी है और लोगों को पूरे साल 24 घंटे बिजली दी जा रही है.
परिषद के अध्यक्ष और ऊर्जा मंत्रालय की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य Awadhesh Verma का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अभी भी गांव, कस्बों और बुंदेलखंड जैसे इलाकों में रोस्टर लागू है, जो उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनता है. उनका मानना है कि अगर यह व्यवस्था खत्म कर दी जाए तो पूरे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता और खपत दोनों बढ़ सकती हैं.

होली पर 24 घंटे बिजली तो पूरे साल क्यों नहीं?

अवधेश वर्मा ने एक बड़ा सवाल भी उठाया है. उनका कहना है कि जब Holi जैसे बड़े त्योहार के दौरान प्रदेश के गांवों से लेकर शहरों तक लगातार दो दिन तक बिना कटौती के बिजली दी जा सकती है, तो फिर बाकी दिनों में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता.
उनका कहना है कि अगर सरकार चाहे तो पूरे साल प्रदेश के सभी इलाकों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है. इससे लोगों को भी सुविधा होगी और राज्य का विकास भी तेजी से होगा.

गर्मी से पहले बिजली व्यवस्था मजबूत करने की मांग

परिषद ने यह भी कहा है कि गर्मी का मौसम आने से पहले बिजली व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. कई बार तकनीकी खराबी या ब्रेकडाउन की वजह से भी बिजली सप्लाई बाधित हो जाती है. ऐसे में इन समस्याओं को जल्दी ठीक करना चाहिए ताकि लोगों को लगातार बिजली मिलती रहे.
परिषद का कहना है कि अगर रोस्टर खत्म करके सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से 24 घंटे बिजली दी जाए, तो इससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को काफी राहत मिलेगी.

बिजली खपत में ये राज्य हैं सबसे आगे

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली की मांग और आपूर्ति के मामले में देश के पांच बड़े राज्य सबसे आगे हैं। इनमें Maharashtra पहले स्थान पर है, जबकि Uttar Pradesh दूसरे नंबर पर आता है. इसके बाद Gujarat, Tamil Nadu और Rajasthan का नाम शामिल है.
इनमें से ज्यादातर राज्यों में रोस्टर व्यवस्था नहीं है और लोगों को लगभग पूरे दिन बिजली मिलती है. इसलिए माना जा रहा है कि अगर उत्तर प्रदेश में भी यह व्यवस्था खत्म कर दी जाए, तो राज्य बिजली खपत और आपूर्ति दोनों में देश में पहला स्थान हासिल कर सकता है.

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