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ओवरटाइम सैलरी डबल, काम केे घंटे, छुट्टी और लेबर लॉ का पालन...नोएडा प्रोटेस्ट के बीच श्रमिकों को लेकर CM योगी का बड़ा फैसला

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बीच सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने मजदूरों के कार्य के घंटे, दोगुना ओवरटाइम, वीकली ऑफ सहित कई दो टूक ऐलान किए हैं. सीएम की पूरे मामले पर कड़ी नजर बनी हुई है.

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13 Apr 2026
( Updated: 13 Apr 2026
03:53 PM )
ओवरटाइम सैलरी डबल, काम केे घंटे, छुट्टी और लेबर लॉ का पालन...नोएडा प्रोटेस्ट के बीच श्रमिकों को लेकर CM योगी का बड़ा फैसला
CM Yogi in UP Assembly/ Screengrab (File Photo)
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नोएडा में श्रमिकों के चल रहे आंदोलन के बीच यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया. मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों सहित अन्य संबंधित संगठनों को दो टूक आदेश दिया है कि मजदूरों के अधिकारों के संबंध में श्रम कानूनों का अक्षरश: पालन किया जाए.

दोगुना ओवरटाइम, सैलरी, वीकऑफ पर सीएम योगी का बड़ा फैसला!

इतना ही नहीं सीएम योगी ने मजदूरों के ओवरटाइम को लेकर भी कड़ा और बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने दो टूक आदेश दिए हैं कि मजदूरों को दोगुना ओवरटाइम दिया जाए. इसके अलावा उन्होंने समय से सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया है. 

ओवरटाइम के भुगतान में कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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हफ्ते में एक हफ्ते की छुट्टी अनिवार्य

इसके अलावा प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी.

इससे पहले सीएम ने मजदूरों के प्रदर्शन के बीच त्वरित फैसला लेते हुए बीती शाम सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधनों से सीधा संवाद स्थापित कर और हर श्रमिक को सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे. 

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक इकाइयों को आदेश दिया है कि वे श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें, श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करें. उन्होंने आगे श्रम विभाग को निर्देश दिया है कि वो स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों से सतत संवाद स्थापित करे.

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और आम लोगों को मृतप्राय नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश से सावधान रहने की अपील की और किसी भी भड़काऊ गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए.

श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो: CM योगी

आपको बताएं कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनपदों में श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं मानवीय कार्य वातावरण मिलना चाहिए और उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा.

24 घंटे के अंदर श्रमिकों से संवाद स्थापित करने के CM योगी के निर्देश

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इससे पहले शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के बीच उभर रहे असंतोष और हालिया प्रदर्शनों का संज्ञान लिया. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें तथा समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से प्राथमिकता पर सुनिश्चित करें.

श्रमिकों के अधिकारों और मांगों पर CM योगी का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को समय पर और सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए तथा अतिरिक्त कार्य के लिए नियमानुसार पारिश्रमिक दिया जाए. कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्रामगृह, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना प्रत्येक औद्योगिक इकाई की अनिवार्य जिम्मेदारी है. 

वर्किंग ऑवर को लेकर भी सीएम योगी के दो टूक निर्देश

उन्होंने कार्यघंटों के नियमन, महिला श्रमिकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए उनका समाधान समयबद्ध, न्यायसंगत और पारदर्शी ढंग से किया जाए. इस दिशा में सरकार के साथ-साथ औद्योगिक इकाई प्रबंधन को भी समान रूप से सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

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औद्योगिक विकास प्राधिकरण को सीएम योगी की दो टूक

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सतत संवाद की प्रभावी व्यवस्था विकसित करे. बड़ी, मध्यम एवं सूक्ष्म—सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों के साथ नियमित संवाद सुनिश्चित किया जाए, ताकि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सके और असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो. उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि वार्ता प्रक्रिया में केवल वास्तविक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए. कई बार बाहरी तत्व स्वयं को श्रमिक प्रतिनिधि बताकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं. ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें प्रक्रिया से अलग रखा जाए तथा प्रशासन एवं इकाई प्रबंधन सीधे श्रमिकों से संवाद स्थापित करें.

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विरोध की आड़ में फायदा ना उठा पाएं विघटनकारी तत्व, कड़ी नज़र रखें: CM योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में नक्सलवाद अब लगभग समाप्ति की स्थिति में है, किंतु इसे पुनर्जीवित करने के प्रयास एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. उन्होंने आशंका जताई कि हालिया कुछ प्रदर्शनों में ऐसे भ्रामक एवं विघटनकारी तत्व शामिल हो सकते हैं. इस दृष्टि से औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतते हुए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ या अव्यवस्था फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए. ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए. इसी बीच डीएम मेघारूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए.

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मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर के जिलाधिकारियों सहित यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान तथा श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की उपस्थिति रही.

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