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नौकरी के लिए गए थे, थमा दी बंदूक! रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे 26 भारतीय, वतन वापसी के लिए परिजनों ने SC से लगाई गुहार

Russia vs Ukraine War: सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी के बहाने धोखाधड़ी से रूस ले जाए गए और जबरन युद्ध में झोंके गए 26 भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

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10 Apr 2026
( Updated: 10 Apr 2026
06:32 PM )
नौकरी के लिए गए थे, थमा दी बंदूक! रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे 26 भारतीय, वतन वापसी के लिए परिजनों ने SC से लगाई गुहार
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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 5 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला और न ही भविष्य में ऐसी कोई संभावना दिख रही है. साल 2022 में जब जंग की शुरुआत हुई थी, तब बहुत से भारतीय इन देशों में फंसे थे. हालांकि, बहुतों की विशेष विमानों के माध्यम से वतन वापसी भी हुई थी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे 26 भारतीय नागरिकों के परिवारों की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और विस्तृत जवाब मांगा है.

नौकरी के बहाने रूस ले जाकर धोखाधड़ी

याचिका में कहा गया है कि ये सभी भारतीय नागरिक देश में सक्रिय कुछ एजेंटों के माध्यम से रूस गए थे, जिन्होंने उन्हें वहां अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. परिवारों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद इन लोगों को जबरन रूसी सेना के साथ युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया, जहां उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लड़ने के लिए मजबूर किया गया.

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धोखे से युद्ध में भेजे गए भारतीय मजदूर

याचिका के अनुसार इनमें से अधिकांश लोग पंजाब और हरियाणा से हैं, जिन्होंने बेहतर रोजगार की उम्मीद में विदेश जाने का फैसला किया था. परिजनों का कहना है कि एजेंटों ने उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें गलत जानकारी दी और सुरक्षित नौकरी का वादा किया. वास्तविकता में उन्हें खतरनाक युद्ध परिस्थितियों में धकेल दिया गया.

लापता भारतीयों की वापसी के लिए अदालत में गुहार

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परिवारों ने अदालत से गुहार लगाई है कि भारत सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और इन सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे. उनका कहना है कि कई लोगों से लंबे समय से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है.

केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है और यह भी पूछा है कि इन नागरिकों की सुरक्षा और वापसी के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी.

मानव तस्करी और धोखाधड़ी की सख्त जांच की मांग

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वहीं, परिजनों का यह भी कहना है कि इस तरह की घटनाएं मानव तस्करी और धोखाधड़ी के गंभीर मामलों की ओर इशारा करती हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है. सरकार से उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द से जल्द इन भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी कदम उठाएगी.

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