“वाराणसी में गंगा पर बोट इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद, अयोध्या के संतों में नाराजगी
वाराणसी में गंगा नदी पर बोट में आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना पर अयोध्या के कई संतों और महंतों ने कड़ी नाराजगी जताई है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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वाराणसी में गंगा नदी पर बोट में आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर अयोध्या के संतों ने कड़ी नाराजगी जताई. वहीं, कई साधु-संतों ने इस पर विचार व्यक्त करते हुए तीखा प्रहार किया.
वाराणसी में गंगा पर बोट इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद
अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने इसे दुखद घटना करार दिया. उन्होंने कहा, "जिन लोगों में गौ माता के प्रति सच्ची आस्था है. वे ऐसा क्यों करेंगे? उनके मन में गौ माता के प्रति इतनी आस्था है, लेकिन वे गौ माता को ही काटते हैं. सिर्फ गौ माता के मांस ही क्यों दिखाए और फेंके जाते हैं. अन्य मांस नहीं दिखाते हैं. इससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश लगती है."
अयोध्या के संतों में नाराजगी
उन्होंने एक वीडियो का जिक्र किया. राजू दास ने कहा, "इसी तरह, बनारस की एक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना का वीडियो सामने आया है. वीडियो में चिकन पार्टी की गई थी. मेरी बस यही एक गुजारिश है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "हम आपको रोक नहीं रहे हैं, लेकिन वहां जाने के बाद अपने हिंदू होने का परिचय दें और गौ माता तथा भावनाओं का सम्मान करने की बात कहें."
उन्होंने कहा कि गंगा और काशी के देश में गंगा माता और काशी का अपमान होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.
जगदगुरु परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेने की मांग
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तपस्वी छावनी प्रमुख जगदगुरु परमहंस आचार्य ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस पर संज्ञान लेना चाहिए. गंगा हमारी पवित्र नदी है. गंगा के बीच में मांसाहार और इफ्तार पार्टी से सनातनियों में भारी गुस्सा है. ऐसा करके देश के माहौल को खराब किया गया है. ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, वरना माहौल बिगड़ जाएगा.
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