Advertisement
'एक ही है हमारा DNA...', PAK के साथ जंग के बीच दिल्ली पहुंचे अफगान मंत्री ओमारी, भारत को बताया उम्मीद की किरण
पाकिस्तान के साथ जंग के बीच अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री, मौलवी अताउल्लाह ओमारी दिल्ली पहुंचे और भारत को लेकर कुछ ऐसा कहा जो वायरल हो रहा है. उन्होंने ना सिर्फ भारत के साथ ऐतिहासिक, प्राचीन संबंधों को याद किया बल्कि DNA एक ही बताया.
Advertisement
भारत और अफगानिस्तान ने गुरुवार को नई दिल्ली में संयुक्त समिति की चौथी बैठक आयोजित की. इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा की गई. इसमें मानवीय सहायता, विकास सहयोग, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण, शिक्षा, खेल, व्यापार, वीजा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई. वहीं अपने भारत दौरे के दौरान ओमारी ने भारत को लेकर कुछ ऐसा कहा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
'हमारा DNA एक ही है'
अपने पहले भारत दौरे पर आए अफ़ग़ानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री, मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने कहा कि "यह भारत की मेरी पहली यात्रा है... भारत पहुँचने के पहले ही दिन से मुझे भारत सरकार, विदेश मंत्री और जिन भी लोगों से मैं मिला, उन सभी से बहुत गर्मजोशी भरा स्वागत मिला. ऐसा लगता है जैसे मैं अपने ही लोगों के बीच हूँ... यह अपने ही देश जैसा लगता है, और जैसा कि आपने कहा, हमारा DNA एक ही है..."
Advertisement
'भारत, अफगानिस्तान के लिए उम्मीद की किरण'
Advertisement
मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने इस दौरान आगे कहा कि "हमें जो गर्मजोशी भरा स्वागत मिला है, वह अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के लिए उम्मीद की किरण है. मुझे जो मेहमाननवाज़ी मिली है, वह सिर्फ़ मेरे लिए नहीं है; यह हमारे लोगों का स्वागत है. इससे अफ़ग़ानिस्तान की बेहतरी और भविष्य के विकास की उम्मीद जगती है...".
ओमारी का बयान पाकिस्तान के मुंह पर तमाचा
Advertisement
आपको बताएं कि ओमारी का ये DNA वाला बयान और भारत दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब अफगानिस्तान, पाकिस्तान के साथ जंग की स्थिति में है. पाकिस्तानी फौज की ओर से अफगानिस्तान के सिविलियन इलाके में लगातार बमबारी की जा रही है और आम-निर्दोष लोगों की जान ली जा रही है. वहीं सिंधु जल समझौते के सस्पेंड होने से बौखलाए पाकिस्तान को सिंधु घाटी सभ्यता की याद आ रही है. इससे पहले वो खुद को कभी तुर्क, कभी अरब नस्ल का बताता था और अरबी-तुर्की सभ्यता की संतान बताता था. अब एक बार फिर उसने अपनी पहचान बदल ली है.
ओमारी का DNA वाला बयान अपने आप में अहम इसलिए है क्योंकि प्राचीन भारत अफगानिस्तान से लेकर ईरान तक को अपना मानता था, साम्राज्य था, जिसे कथित अखंड भारत का हिस्सा राइटविंग विचारधारा वाले दावा करते आए हैं.
पाकिस्तान के साथ जंग बीच भारत आए अफगानिस्तान के मंत्री
Advertisement
वहीं संयुक्त समिति की चौथी बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान के लोगों की भलाई और विकास की जरूरतों को पूरा करने में लगातार सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. वहीं, अफगान पक्ष ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की लगातार मदद और सहयोग के लिए आभार जताया. यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान में दी गई. इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पीएआई) एम आनंद प्रकाश और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रथम राजनीतिक विभाग के महानिदेशक शुएब बरयालाई ने की.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों ने नियमित बातचीत बनाए रखने के महत्व को दोहराया और एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमति जताई. संयुक्त समिति की अगली बैठक आपसी सुविधा के अनुसार किसी समय आयोजित की जाएगी." इससे पहले बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के संबंधों और अफगान लोगों की भलाई और विकास के लिए चल रहे सहयोग पर चर्चा हुई.
#WATCH | Delhi | Afghanistan's Minister of Agriculture, Irrigation and Livestock, Mawlawi Attaullah Omari, says, "This is my first trip to India...From the very first day I landed in India, I received a warm welcome from the Indian government, the Minister of External Affairs,… pic.twitter.com/67rxTYkYMQ
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 10, 2026Advertisement
Loading Ad...
भारत-अफगानिस्तान के संबंधों पर हुई चर्चा
मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से मुलाकात हुई. बातचीत में भारत-अफगानिस्तान संबंधों और अफगान लोगों की भलाई और विकास के लिए जारी सहयोग पर चर्चा हुई."
ओमारी मंगलवार को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे. इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 'एक्स' पर लिखा था, "अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी का नई दिल्ली पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत है. आपसी हित के मुद्दों पर उपयोगी बातचीत की उम्मीद है."
Advertisement
पिछले सप्ताह अफगानिस्तान के अंदर हुए पाकिस्तान के घातक हवाई हमलों के बाद भारत ने एक बार फिर काबुल को सहायता और विकास परियोजनाओं के जरिए समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था, "हमने पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की जान गई. हमने उन लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की थी और साथ ही अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना मजबूत समर्थन दोहराया था."
उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के साथ हमारा मानवीय सहायता सहयोग लगातार जारी है. हम उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरी मदद भेज रहे हैं. साथ ही, हम ऐसी विकास परियोजनाओं की पेशकश भी कर रहे हैं, जिनसे वहां के लोगों की जिंदगी बेहतर हो सके. यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा."
Advertisement
पाकिस्तान-अफगानिस्तान जंग के बीच ओमारी का ये दौरा अहम
आपको बताएं कि ओमारी का यह दौरा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है, जिसमें हाल ही में अफगान प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों के दौरान कई अफगान नागरिक मारे गए और घायल हुए थे.
#WATCH | Delhi | Afghanistan's Minister of Agriculture, Irrigation and Livestock, Mawlawi Attaullah Omari, says, "...This warm welcome that we have received is a source of hope for the people of Afghanistan. The hospitality I have experienced is not only for me; it represents a… pic.twitter.com/lmdH5jKFY1
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 10, 2026Advertisement
Loading Ad...
भारत ने अफगान इलाके पर एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि यह "पाकिस्तान के लगातार लापरवाह बर्ताव और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा के हताशाजनक कामों के जरिए अंदरूनी नाकामियों को बाहर दिखाने की उसकी बेकार कोशिश को दिखाता है." पिछले हफ्ते, भारत ने सहायता और विकास प्रोजेक्ट्स के जरिए काबुल को समर्थन करने का वादा किया और अफगानिस्तान के साथ चल रहे मानवीय मदद सहयोग पर जोर दिया.
भारत ने अफगानिस्तान को लगातार भेजी मदद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "हमने पाकिस्तान से अफगानिस्तान में हुए एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम लोगों की जान चली गई थी. हमने कीमती जानें जाने पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की थीं और साथ ही हमने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना मजबूत समर्थन भी दोहराया था."
Advertisement
उन्होंने कहा, "जहां तक अफगानिस्तान के साथ समर्थन की बात है, हमारा मानवीय सहायता सहयोग चल रहा है. हम उन्हें दवाएं भेज रहे हैं. हम उन्हें दूसरी मदद भी भेज रहे हैं और हम ऐसे विकास परियोजनाएं भी दे रहे हैं जिनसे वहां के लोगों की जिंदगी को फायदा हो सकता है, और यह जारी है."
यह भी पढ़ें
खास तौर पर, भारत अफगानिस्तान को मानवीय मदद दे रहा है, जिसमें जरूरी दवाओं की सप्लाई और दूसरी मदद शामिल है. भारत ने काबुल को 17 जून को और पांच टन जरूरी दवाइयां पहुंचाईं, जो अफगान लोगों की भलाई और बेहतरी के लिए उसके लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है. भारत ने अफगान बच्चों में इम्यूनाइजेशन की कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए 22 मई को, काबुल को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) और टेटनस, डिप्थीरिया (टीडी) वैक्सीन पहुंचाईं.