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ट्रंप का आखिरी अल्टीमेटम, ईरान पर और बड़े हमलों की चेतावनी, बोले-बातचीत में देरी की कीमत चुकानी होगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को ही ट्रुथ सोशल पर एक कड़ा संदेश भी जारी किया. उन्होंने लिखा कि ईरान ने समझौते के लिए बातचीत में बहुत अधिक समय गंवा दिया है.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख और सख्त करते हुए हमले और तेज करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर तेहरान जल्द किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो अमेरिका उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बना सकता है.
‘मैं नए हमलों की मंजूरी देने पर विचार कर रहा हूं’
फॉक्स न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, " मैं ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं पर नए हमलों की मंजूरी देने पर विचार कर रहा हूं.” उनके अनुसार, ईरान समझौते के लिए बातचीत में जरूरत से ज्यादा समय ले रहा है.
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ट्रंप का ये बयान पश्चिम एशिया में बदलते और बढ़ते तनाव के बीच आया है. पिछले 48 घंटों में हवाई हमलों में तेजी आई है.
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'बातचीत में देरी की कीमत चुकानी होगी'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को ही ट्रुथ सोशल पर एक कड़ा संदेश भी जारी किया. उन्होंने लिखा कि ईरान ने समझौते के लिए बातचीत में बहुत अधिक समय गंवा दिया है और अब उसे इसकी "कीमत चुकानी होगी.” दावा ये भी किया कि ईरान की मिलिट्री, नेवी और एयरफोर्स पूरी तरह तबाह हो चुकी है. ईरान सिर्फ बात करता है हालांकि कुछ करता नहीं है. मध्य पूर्व में सबको धमकाने वाले की हिम्मत टूट चुकी है.
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अमेरिका आगे कौन से कदम उठाने जा रहा है
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित कार्रवाई किस प्रकार की होगी या अमेरिका आगे कौन से कदम उठाने जा रहा है. हालांकि फॉक्स से उन्होंने एक बार फिर ईरानी पुलों और आधारभूत ढांचों को बर्बाद करने की बात जरूर कही.
अमेरिका के इस कदम से बुरा असर पड़ सकता है
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अगर अमेरिका वास्तव में ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बनाता है, तो इसका प्रभाव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है.
ईरान झुकने को तैयार नहीं
दूसरी ओर, ईरान लगातार कहता रहा है कि वह बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है. ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल चीन और रूस समेत कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
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Source Input- IANS