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ईरान के लोगों को रोने की मोहलत भी ट्रंप ने दी! खामेनेई की अंतिम विदाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़बोला अंदाज
ईरान के लिए शोक भरे पलों में भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आए. ट्रंप ने कहा, ईरान को मातम के लिए एक हफ्ते का समय इसलिए दिया क्योंकि वाशिंगटन ‘अच्छा’ देश है.
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जंग के बाद एक बार फिर ईरान में मातम छाया है. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा ईरान सड़कों पर है. 4 दिन की राजकीय और पारंपरिक रस्मों के बाद उन्हें 9 जुलाई को मशहद में दफनाया जाएगा.
ईरान के लिए शोक भरे पलों में भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आए. उनके मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को अंतिम विदाई और मातम मनाने के लिए परमिशन दी है.
ट्रंप ने कहा, ईरान को मातम के लिए एक हफ्ते का समय इसलिए दिया क्योंकि वाशिंगटन ‘अच्छा’ देश है.
ईरान में शोक के बीच ट्रंप का मजाक!
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ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है. जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता का जनाजा निकाल रहा है. इस जनाजे में खामेनेई के साथ-साथ उनकी बेटी, दामाद और बहू और 14 महीने की पोती का शव भी है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत हो गई थी. जिन्हें 4 महीने बाद दफनाया जा रहा है. ऐसे में ट्रंप ने अपने बयान से नई सुर्खियां बटोर लीं. उन्होंने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के जश्न से पहले माउंट रशमोर में हुई एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप यह बयान दिया.
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ट्रंप ने कहा, ‘हमने ईरान को बुरी तरह तबाह कर दिया. वे समझौता करने के लिए बेताब हैं. वे बहुत बुरी तरह सुलह करना चाहते हैं. हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की छूट दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं.’ ट्रंप के इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और हंसी भी गूंजी.
ईरान में जुटे दुनिया के करोड़ों लोग
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ईरान के बड़े और विदेशी अधिकारियों ने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि समारोह शुक्रवार सुबह सेंट्रल तेहरान में इमाम खुमैनी के मोसल्ला प्रार्थना हॉल में शुरू हुआ और पूरे दिन चला.
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ, ज्यूडिशियरी चीफ गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई, एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल के चेयरमैन सादिक अमोली लारीजानी और दूसरे सीनियर अधिकारी समारोह में शामिल हुए. वहीं, सुरक्षा कारणों के चलते खामेनेई के बेटे और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता के जनाजे में शामिल नहीं हो सके.
विदेशी मेहमानों में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, संसद के स्पीकर और मंत्री शामिल थे. साथ ही साथ धार्मिक हस्तियां, विद्वान और आदिवासी नेता भी अंतिम विदाई में शामिल हुए.
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अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई तक चलेंगी, जिसमें तेहरान, कोम और मशहद में जुलूस निकाले जाएंगे, साथ ही इराक में भी रस्में होंगी. ईरानी अधिकारियों ने तेहरान और मशहद में खास तारीखों पर पब्लिक बंद और एयरस्पेस पर रोक लगाने की घोषणा की है और 9 जुलाई को राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित किया गया है.
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इस बीच भारत से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की तरफ से श्रद्धांजलि दी.