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ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की आहट, खामेनेई ने तय किए तीन उत्तराधिकारी, बेटे को नहीं दी जगह

इजरायल के बाद अमेरिकी हमलों का दंश झेलने वाले ईरान में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर ने खामेनेई ने अपने उत्तराधिकार की दौड़ में तीन मौलवियों के नाम को चिन्हित किया है.

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ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अब इसमें अमेरिका ने भी खुले तौर पर हस्तक्षेप कर दिया है. अमेरिकी वायुसेना ने B-2 बॉम्बर्स की मदद से ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स पर जबरदस्त बमबारी की है. इसी बीच ईरान में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज कर दी है.

अंतराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर ने खामेनेई ने अपने उत्तराधिकार की दौड़ में तीन मौलवियों के नाम को चिन्हित किया है, हालांकि इनकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. इस प्रक्रिया में एक बात साफ हो गई है कि खामेनेई के बेटे उत्तराधिकार की दौड़ में शामिल नहीं हैं. जानकारों के अनुसार, यह फैसला जंग के हालात और ईरान के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. दूसरी ओर इजरायली रक्षा बल (IDF) लगातार IRGC के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और प्रभावशाली शख्सियतों को निशाना बना रहा है, जिससे ईरान की आंतरिक स्थिति और भी अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है.

खामेनेई के बाद कौन बनेगा ईरान का सर्वोच्च नेता?
ईरानी सुप्रीम लीडर  अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर बड़ी पहल की है. यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क टाइम्स ने शनिवार को दावा किया है कि खामेनेई ने तीन वरिष्ठ मौलवियों के नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर आगे किए हैं. यह फैसला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान इजरायल और अमेरिका के साथ टकराव के बीच घिरा है, और खामेनेई की जान को भी खतरा बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर संघर्ष के दौरान खामेनेई की हत्या होती है, तो उन्हीं तीन मौलवियों में से कोई एक सर्वोच्च नेता का पद संभालेगा. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता का चयन करने वाले "मजलिस-ए-ख़बगान" यानी विशेषज्ञों की सभा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके सुझाए तीन नामों में से ही किसी एक को उत्तराधिकारी चुना जाए. यह कदम इस बात को दर्शाता है कि 86 वर्षीय खामेनेई मौजूदा हालात को बेहद संवेदनशील और खतरे से भरा मानते हैं. हालांकि इन तीनों मौलवियों के नाम गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि खामेनेई के बेटे को उत्तराधिकारी की दौड़ से बाहर कर दिया गया है, जो ईरानी सत्ता संरचना में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

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भूमिगत सुरक्षित स्थान से काम कर रहे हैं खामेनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब एक सुरक्षित भूमिगत स्थान से कामकाज संभाल रहे हैं. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे और एक विश्वसनीय सहयोगी के माध्यम से देश और सैन्य नेतृत्व से संवाद कर रहे हैं. खामेनेई ने न सिर्फ अपने संभावित उत्तराधिकारियों के नाम तय किए हैं, बल्कि वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के मारे जाने की स्थिति में बैकअप नेतृत्व की भी व्यवस्था कर दी है.

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तीन मौलवियों के नाम गुप्त रखें गए हैं 
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने जिन तीन वरिष्ठ मौलवियों के नाम संभावित उत्तराधिकारियों के तौर पर आगे किए हैं, उनमें उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम शामिल नहीं है. मोजतबा खामेनेई, जो स्वयं एक मौलवी हैं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के करीबी माने जाते हैं, को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे ही खामेनेई के उत्तराधिकारी बन सकते हैं. लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि उन्हें इस दौड़ से बाहर रखा गया है. तीनों मौलवियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन खामेनेई के इस कदम को विशेषज्ञों की सभा (मजलिस-ए-ख़बगान) के माध्यम से तेजी और सुचारू उत्तराधिकार सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

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